सनबर्न होने से शरीर को पहुंच सकता है भारी नुकसान, जाने इसके लक्षण।
गर्मियों का मौसम में पारा एक दम हाई पर पहुंच जाता है। और शरीर पूरी तरह पसीने में लथपथ हो जाता है। वहीं तेज धूप सनबर्न की समस्या पैदा करती है। सूरज की हानिकारक किरणें न सिर्फ शरीर से पानी और नमी चुराती हैं बल्कि आपकी त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती हैं। सनबर्न तब होता है जब त्वचा सूरज से पराबैंगनी (यूवी) रेडिएशन या टैनिंग बेड जैसे आर्टिफिशियल सोर्स के ज्यादा संपर्क में आती है। सनबर्न होने पर त्वचा लाल हो जाती है। तेज दर्द और कभी-कभी सूजन भी आ जाती है। डॉक्टर से जानते हैं कि क्या सनबर्न होने पर स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
सनबर्न के सामान्य लक्षण
1 .. सनबर्न होने पर त्वचा लाल हो जाती है और छूने पर गर्म महसूस होती है।
2 .. धूप से झुलसी त्वचा दर्दनाक, कोमल या खुजलीदार हो सकती है।
3 .. गंभीर मामलों में धूप से टैन हुई स्किन में हल्की सूजन जैसी भी आ सकती है।
4 .. कई बार स्थिति गंभीर होने पर जलन के साथ छाले जैसे भी हो सकते हैं।
5 .. टैन हुई स्किन कुछ दिनों के बाद जब ठीक हो जाती है तो निकलने लगती है।
सनबर्न होने का मतलब कैंसर नहीं है। हां लगातार सनबर्न होने से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। जिसमें मेलेनोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा और बेसल सेल कार्सिनोमा सहित शामिल हैं। लंबे समय तक यूवी रेडिएशन के संपर्क में रहने से त्वचा कोशिकाओं में डीएनए को नुकसान पहुंचता है, जिससे म्यूटेशन होता है और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हमेशा सनबर्न से बचने की कोशिश करे साथ ही गर्मियों में जब भी घर से बहार निकले तोह फेस मास्क और सनग्लासेस का इस्तेमाल करे हो सकते तोह हमेशा बहार निकलने से पहले एक छाता अपने साथ जरूर रखे और धुप में घर से बहार निकलने से बचे।
















































































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