प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने समय- समय पर किया है 'मजदूरों का सम्मान', धुलवाए पैर और करी है फूलों की बारिश।
हर साल 1 मई का दिन भारत समेत दुनिया के कई देशों में मजदूर दिवस या मई दिवस के तौर पर मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर के मजदूरों और श्रमिक वर्ग के लोगों को समर्पित है। देश के विकास में ऐसा कोई निर्माण नही है, जिसमें मजदूर वर्ग के परिश्रम का योगदान ना हो। राष्ट्र की प्रगति और उन्नति में इनकी भागीदारी के बिना असंभव है। ये दिवस दुनिया भर के मजदूरों की हक की आवाजों को बुलंद करने के मकसद से मनाया जाता है। दुनिया में इसे 1 मई 1889 तो वहीं, भारत में इस दिवस की शुरुआत सबसे पहले चेन्नई में साल 1923 में हुई थी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार मजदूरों का सम्मान किया है। कई बार देखने को मिला है कि पीएम मोदी ने श्रमिकों पर फूल बरसाए है और उनके पैर भी धुलवाए है
राम मंदिर के श्रमिकों का सम्मान, 22 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उद्घाटन किया गया था। इस मंदिर का निर्माण करने वाले श्रमिकों को भी पीएम मोदी ने सम्मान दिया था। पीएम मोदी ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आयोजन के बाद मंदिर निर्माण में लगे श्रमिकों का सम्मान किया और उनपर फूलों की बारिश की थी। और इससे पहले साल 2019 में प्रयागराज में भव्य स्तर कुंभ का आयोजन किया गया था। इस आयोजन के बाद पीएम मोदी ने सफाई कर्मचारियों के पांव धुले थे। पीएम मोदी ने कहा था कि स्वच्छ कुंभ के आयोजन में इन सफाई कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान था। दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी कॉरिडोर के निर्माण में लगे श्रमिकों का सम्मान किया था। उन्होंने कॉरिडोर का निर्माण करने वाले श्रमिकों के ऊपर फूल बरसाए थे और उनके साथ लंच भी किया था। हाल ही में देश की नई संसद का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। नए संसद के उद्घाटन पर पीएम मोदी ने इसका निर्माण करने वाले श्रमिकों से मुलाकात की थी। उन्होंने 11 श्रमिकों को सम्मानित भी किया था। पीएम मोदी ने 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर भी बुलाया था।
















































































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