डेंगू और वायरल फीवर दोनों ही है बेहद खतरनाक, जाने इससे बचने के उपाय।
हमारे देश में डेंगू और वायरल फीवर जैसी बीमारियां बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। वायरल फीवर साल में किसी भी मौसम में हो सकता है लेकिन डेंगू मानसून खासकर जून से लेकर सितंबर तक ज्यादा होता है। हालांकि, बारिश, कम तापमान और मच्छर वाली जगहों पर ये बीमारी कभी भी हो सकती है। डेंगू का संक्रमण एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि वायरल बुखार इंफ्लुएंजा वायरस की वजह से फैलता है। दोनों ही वायरल बुखार हैं, लेकिन डेंगू बेहद खतरनाक होता है। डेंगू की वजह से लोगों की मौत भी हो सकती है, जबकि वायरल बुखार कुछ दिनों में दवा लेने से ठीक हो जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन दोनों ही बीमारियों में अंतर बता पाना थोड़ा मुश्किल है। शुरुआत में दोनों के लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं। ऐसे में इन्हें समझ पाना आसान नहीं होता है। दोनों ही बीमारियों में तेज बुखार होता है। इसके अलावा सिरदर्द, बदन दर्द, खांसी, गले में खराश, थकान और मतली हो सकती है।
डेंगू होने पर क्या करना चाहिए
1. बच्चों में डेंगू होने पर उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए, क्योंकि उनका शुरुआती इलाज थोड़ा अलग होता है।
2. बुखार कितना है, उल्टी या दस्त हो रही है या शरीर में पानी की कमी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
3. शरीर में पानी की कमी दूर करने के लिए पर्याप्त मात्रा में लिक्विड लेते रहें. पानी, नारियल पानी, ओआरएस घोल, इलेक्ट्रोलाइट घोल, फ्रूट जूट ले सकते हैं।
4. डेंगू मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है, इसलिए मच्छरों से बचाव करें. मच्छरदानी लगाएं, कॉइल का यूज करें।
5. खानपान का विशेष ख्याल रखें. खाने में दाल, सूप, सब्जियां और फल शामिल कर जल्दी ठीक हो सकते हैं।
















































































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