पितृपक्ष में किन चीजों की खरीदारी करना शुभ होता है और किनसे बचना चाहिए? जानिए पूरी धार्मिक मान्यता और परंपरा।
पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान हम अपने पितरों की पूजा करते हैं और साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण आदि करते हैं। पितृपक्ष वह समय है जब हमें सात्विक जीवन जीने की सलाह दी जाती है। इस दौरान कई ऐसे कार्य होते हैं जिनको करने की मनाही होती है। जैसे इस अवधि में मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए और साथ ही लहसुन-प्याज जैसी तामसिक प्रवृति की चीजों को भी नहीं खाना चाहिए। इसके साथ ही कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें पितृपक्ष के दौरान खरीदना नहीं चाहिए। इन चीजों को खरीदने से आपको पितृ रूठ सकते हैं। आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में।
पितृपक्ष में इन चीजों को खरीदना वर्जित,
* पितृपक्ष के दौरान लोहा या लोहे से बना सामान नहीं खरीदना चाहिए।
* नए कपड़ों की खरीदारी भी इस दौरान न करें।
* सोने-चांदी के आभूषण भी इस अवधि में आपको नहीं खरीदने चाहिए।
* वाहन खरीदने से भी बचें।
* जमीन या मकान खरीदने से भी आपको बचना चाहिए।
* जूते-चप्पल की खरीदारी करना भी पितृपक्ष में वर्जित है।
* शादी या किसी भी मांगलिक कार्य के सामान की खरीदारी भी इस दौरान न करें।
* पितृपक्ष के दौरान आपको झाडू भी नहीं खरीदना चाहिए।
पितृपक्ष में क्या खरीदना शुभ होता है?
पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध से जुड़ी वस्तुएं खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस समय आप जौ, काले तिल, कुशा, चमेली का तेल, चावल जैसी चीजें खरीद सकते हैं। इसके अलावा, धूप-दीप और धार्मिक पुस्तकें भी इस अवधि में खरीदना लाभकारी होता है। इन वस्तुओं को खरीदने और दान में देने से पितरों की आत्मा प्रसन्न होती है और उन्हें तृप्ति मिलती है। यदि आप पितृपक्ष के दौरान धार्मिक नियमों का पालन करते हुए श्राद्ध और तर्पण करते हैं, तो आपके जीवन की परेशानियां कम होती हैं और पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है। यह अवधि आपके परिवार में शांति, सुख और समृद्धि लाने का विशेष समय होता है।















































































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