शीतकालीन सत्र में घमासान: पीएम मोदी के ‘ड्रामा’ बयान पर कांग्रेस का तीखा हमला, SIR और वोट कटने के मुद्दे पर विपक्ष आक्रामक!
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत आज से हुई और पहले ही दिन माहौल बेहद गर्म हो गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विपक्ष को लेकर दिए गए ‘ड्रामा’ वाले बयान ने राजनीतिक बहस को हवा दे दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर संसदीय मर्यादाओं को तोड़ने और संसद की व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने लगातार संसदीय प्रक्रिया को प्रभावित किया है और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की है।
खरगे ने विशेष रूप से मणिपुर की स्थिति, बीएलओ पर दबाव और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान हुई मौतों को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार जनता के महत्वपूर्ण सवालों से भाग रही है और विपक्ष इन मुद्दों को संसद में उठाता रहेगा।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने भी पीएम मोदी के बयान की निंदा की और कहा कि विपक्ष का काम केवल कमेंट करना नहीं बल्कि संसद में गंभीर विषयों पर बहस करना है। उन्होंने SIR को लेकर चर्चा की मांग दोहराई और स्पष्ट किया कि बहुमत का मतलब तानाशाही नहीं होता।
सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि प्रधानमंत्री का कहना कि संसद में 240 सांसद ड्रामा कर रहे हैं, बिल्कुल गलत है। वे दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों के वोट छीनने जैसे गंभीर मुद्दे उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि संसद किसी “चीयरलीडर क्लब” की जगह नहीं है बल्कि यह लोगों के मुद्दों पर चर्चा के लिए है।
शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने SIR, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और प्रशासनिक गलतियों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। राजनीतिक पारा बढ़ने के साथ ही यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।















































































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