लेटेंट ऑटो-इम्यून डायबिटीज: शरीर के अलार्म को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी!
आज के दौर में मोबाइल की नोटिफिकेशन हर किसी का ध्यान तुरंत खींच लेती है, लेकिन जब हमारा शरीर खुद बीमारियों के संकेत देता है, तो लोग अक्सर उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही कई बार गंभीर बीमारियों का रूप ले लेती है। ऐसी ही एक अनदेखी बीमारी है लेटेंट ऑटो-इम्यून डायबिटीज, जिसे एक्सपर्ट्स टाइप 1.5 डायबिटीज के नाम से भी जानते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह बीमारी दिखने में टाइप-2 डायबिटीज जैसी लगती है, लेकिन असल में इसकी जड़ें ऑटो-इम्यून सिस्टम से जुड़ी होती हैं। यही वजह है कि शुरुआत में डॉक्टर भी इसे टाइप-2 डायबिटीज मानकर उसी तरह की दवाइयां देते हैं। लेकिन जब समय के साथ मरीज की हालत नहीं सुधरती और डीप डायग्नोस किया जाता है, तब असली बीमारी सामने आती है। इसलिए इसे अक्सर 'मिस-डायग्नोसिस डिजीज' भी कहा जाता है।
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन और यूरोपियन हेल्थ एजेंसी के अनुसार, इस बीमारी के मरीजों को लंबे समय में हार्ट डिजीज, किडनी डैमेज और आंखों की रोशनी जाने का खतरा काफी बढ़ जाता है। भारत में इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या 1 करोड़ से अधिक है और यह कुल डायबिटीज मरीजों का लगभग 10% है।
लेटेंट ऑटो-इम्यून डायबिटीज या किसी भी प्रकार की डायबिटीज से बचाव और नियंत्रण के लिए स्वामी रामदेव के बताए कुछ आसान घरेलू और प्राकृतिक उपाय मददगार हो सकते हैं।
डायबिटीज के लक्षणों में शामिल हैं –
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बार-बार प्यास लगना
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बार-बार पेशाब आना
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अचानक वजन घटना
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भूख ज्यादा लगना
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चिड़चिड़ापन, थकान और धुंधला दिखना
हाई ब्लड शुगर शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों जैसे ब्रेन, आंख, हार्ट, लिवर, किडनी और जॉइंट्स को नुकसान पहुंचा सकता है। तनाव, खराब लाइफस्टाइल, मोटापा, गलत खानपान और जीन्स इसके मुख्य कारण हैं।
उपायों में शामिल हैं:
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रोजाना 20-25 मिनट वर्कआउट करें। हफ्ते में 150 मिनट एक्सरसाइज से डायबिटीज का खतरा 60% तक कम हो सकता है।
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धूप में बैठना, शरीर को गर्म रखना और हाई कैलोरी फूड से परहेज करना चाहिए।
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खाने में लौकी, करेला, खीरा, गोभी और टमाटर शामिल करें।
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नींबू-पानी सुबह खाली पेट लें, गुनगुना पानी पिएं।
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गिलोय का काढ़ा और एलोवेरा, स्टीविया या इंसुलिन प्लांट का सेवन फायदेमंद है।
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रोज 1 चम्मच मेथी पाउडर और सुबह लहसुन की दो कलियां खाएं।
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योग में मंडूकासन, योगमुद्रासन और 15 मिनट कपालभाति करें।
डब्लूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार, रोजाना 5 ग्राम यानी एक चम्मच से ज्यादा चीनी का सेवन न करें। सही जीवनशैली अपनाकर शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है और शरीर के अलार्म्स को समय रहते पहचान कर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।















































































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