क्या है 'अक्षय तृतीया' जाने इसके महत्व, मंत्र और उपाय?
आज यानी 10 मई को अक्षय तृतीया पूरे देश में मनाई जा रही है। यह पर्व देश के विभिन्न क्षेत्रों में विविध महत्व रखता है। कुछ के लिए, यह भगवान विष्णु के अवतार, परशुराम के जन्मदिन का प्रतीक है। इस शुभ दिन में भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का सार शामिल है, जो कृतज्ञता, आध्यात्मिक पूर्ति और भौतिक समृद्धि पर जोर देता है। यह दिन विवाह, धार्मिक अनुष्ठान, गृह-प्रवेश, जप-तप और पूजा-पाठ जैसे कार्यों के लिए विशेष फलदायी होता है।
अक्षय तृतीया का महत्व
अक्षय तृतीया को अबूझ और स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। इस दिन किए गए कार्य अत्यंत शुभ और फलदायी होते हैं। इस दिन किसी भी शुभ कार्य को बिना किसी मुहूर्त के किया जा सकता है। इस दिन ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है कि इस दिन किए गए सभी कार्य सफल होते हैं। इस दिन खरीदी गई चीजें कई गुना ज्यादा फल देती हैं। अक्षय तृतीया के दिन लोग नया व्यवसाय शुरू करते हैं। इस दिन गृह प्रवेश करना भी शुभ माना जाता है। कुछ लोग इस दिन विवाह भी करते हैं। गाड़ी, मकान या कोई भी बहुमूल्य चीजों की खरीददारी इस दिन बहुत अच्छी मानी जाती है।
अक्षय तृतीया मंत्र
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
ॐ श्री गुरुदेवाय नमः
कलशस्य मुखे विष्णु कंठे रुद्र समाश्रिता: मूलेतस्य स्थितो ब्रह्मा मध्ये मात्र गणा स्मृता:
अक्षय तृतीया के दिन करें ये उपाय
अक्षय तृतीया के दिन पूरे विधि विधान से माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। पूजा में मां को गुलाब का फूल अर्पित करें और उन्हें खीर का भोग लगाएं। इस दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की भी पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से भी मां लक्ष्मी जल्द प्रसन्न होती हैं और जीवन में धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया के दिन जल से भरे कलश का दान करना बहुत अच्छा माना जाता है। घर में कलश स्थापित करें। उसमें थोड़ा सा पानी और थोड़ा सा गंगाजल भरकर उसे लाल रंग के कपड़े से बांध दें और इसे किसी जरूरतमंद को दान कर दें। इस उपाय को करने से आर्थिक तंगी दूर हो जाती है।
















































































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