आज है 'बुद्ध पूर्णिमा' जाने इसके महत्व और शुभ मुहूर्त ?
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा या पीपल पूर्णिमा कहा जाता है। इस बार यह पूर्णिमा 23 मई को मनाई जाएगी। जो गौतम बुद्ध की 2586वीं जयंती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वैशाख पूर्णिमा भगवान बुद्ध के जीवन की तीन अहम बातें -बुद्ध का जन्म, बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति और बुद्ध का निर्वाण के कारण भी विशेष तिथि मानी जाती है। इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म भी हुआ था और संयोग से इसी दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान की भी प्राप्ति हुई थी। पुराणों में महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना गया है। इस दिन बौद्ध मतावलंबी बौद्ध विहारों और मठों में इकट्ठा होकर एक साथ उपासना करते हैं। दीप प्रज्जवलित कर बुद्ध की शिक्षाओं का अनुसरण करने का संकल्प लेते हैं। गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें सुखी जीवन और सफलता पाने के सूत्र छिपे हैं। बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों के लिए बुद्ध पूर्णिमा बहुत बड़ा त्योहार है। ये पर्व सिर्फ भारत में ही नहीं मनाया जाता, बल्कि चीन, नेपाल, सिंगापुर, वियतनाम, थाइलैंड, जापान, कंबोडिया, मलेशिया, श्रीलंका, म्यांमार, इंडोनेशिया, पाकिस्तान जैसे दुनिया के कई देशों में बुद्ध जयंती के तौर पर मनाया जाता है।वहीं उत्तर प्रदेश के कुशी नगर जिले में इस अवसर पर मेला लगता है। बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग इस दिन अपने घर को फूलों से सजाते हैं और दीपक जलाते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व
भगवान बुद्ध ने धर्म, अहिंसा, सद्भाव और दया का उपदेश दिया। 30 साल की उम्र में, उन्होंने सत्य की खोज में जीवन जीने के लिए और खुद को कष्टों से मुक्त करने की आशा में तपस्या करने के लिए अपनी सांसारिक संपत्ति और राजसी संपत्ति छोड़ दी।
बुद्ध पूर्णिमा शुभ मुहूर्त
वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 22 मई को शाम 06:47 मिनट से होगी और इसके अगले दिन यानी 23 मई को शाम 07:22 मिनट पर तिथि का समापन होगा। उदया तिथि अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा 23 मई को मनायी जाएगी।
















































































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