शनिवार के दिन करें शनिदेवकी विशेष पूजा, जानिए इन 5 बातों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
शनिवार का दिन शनिदेव का दिन माना जाता है और इस दिन शनिदेव के साथ ही पीपल के पेड़ और हनुमान जी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। शनिदेव को ग्रहों की पूजा में भी शामिल किया जाता है क्योंकि शनि ग्रह भी हैं। शनिदेव की पूजा अकसर लोग भय के कारण करते हैं ताकि उनके जीवन में किसी प्रकार का अनिष्ट न हो। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है शनिदेव कर्म प्रधान देवता हैं जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि देव की पूजा में इस बात का ध्यान रखें कि गलती से भी चमड़े से बनी किसी वस्तु का इस्तेमान न हो रहा हो। शनि की पूजा में चमड़े का इस्तेमाल बेहद अशुभ माना जाता है। शनि देव की पूजा में टूटा दीपक, खराब फूल, या किसी भी ऐसी वस्तु का प्रयोग नहीं करना चाहिए जो सही अवस्था में न हो। शनिवार को लोहा खरीदने और घर लाने से शनि देव नाराज हो जाते हैं। शनिवार के दिन भूलकर भी कैंची का लेन देन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से लड़ाई-झगड़ा बढ़ जाता है।
आइए आज जानें शनिदेव से जुड़ी ये 5 बात
1. शनिदेव सूर्यदेव के पुत्र हैं और इनकी माता का नाम छाया है। शनि को मंदा, कपिलाक्क्षा और सौरी के नाम से भी जाना जाता है।
2. शनिदेव नवग्रहों जीवन में प्रभाव डालते हैं। ऐसा माना जाता है कि शनि किसी भी व्यक्ति के बुरे प्रभावों को कम करने में मदद करते है।
3. शनिदेव का प्रभाव व्यक्ति पर उसके कर्मों के अनुसार पड़ता है इसलिए शनिदेव को कर्म का फल देने वाले देवता के रूप में भी जाना जाता है।
4. शनिदेव की पूजा करने का सबसे अच्छा तरीका है उनका सरसों के तेल से अभिषेक कराना। ऐसा करने से सभी प्रकार की विपत्तियों से मुक्ति मिलती है।
5. शनिदेव भगवान शिव शंकर के परम भक्त हैं।
















































































Leave Your Message