गर्मी में ज़्यदा देर तक भूखे रहने से बढ़ सकता है, किडनी-लिवर डैमेज होने का खतरा।
भीषण गर्मी ने पूरे देशो में हीटवेव अलर्ट जारी कर रखा है। इस गर्मी में ज्यादा दूर तक भूख रहना हेल्थ के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। क्योंकि गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इसलिए थोड़े-थोड़े घंटे के गैप पर खाते और पीते रहें। इससे आपकी शरीर में एनर्जी बनी रहेगी। शरीर में पानी कमी के कारण किडनी-लिवर डैमेज होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इससे किडनी में स्टोन की शिकायत होती है। हीट वेव के कारण यह स्टोन का साइज बढ़ सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक दिन में 8 घंटे के गैप पर खाते हैं तो दिल का दौरा पड़ने का खतरा काफी ज्यादा रहता है। हार्ट अटैक का खतरा दो गुना बढ़ जाता है।
गर्मियों में ज्यादा देर तक भूखे रहने के पेट में बैक्टीरिया काफी तेजी से बढ़ जाता है। इसके फूड पॉइजनिंग और पाचन से जुड़ी समस्याओं का खतरा काफी ज्यादा रहता है। गर्मी में बैक्टीरिया और वायरस काफी ज्यादा बढ़ने लगते हैं. यह पाचन तंत्र को काफी ज्यादा प्रभावित करती है। बॉडी का टेंपरेचर बढ़ने पर शरीर में ब्लड पंप करने पर दिल पर काफी ज्यादा जोर पड़ता है। यही कारण है कि दिल पर बुरा असर पड़ता है। हीट वेव बढ़ने के कारण हवा की क्वालिटी खराब होती है तो इसका सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है. गर्मी का बुरा असर पेट और पाचन पर भी पड़ता है। गर्मी के कारण पेट गर्म होता है। ऐसी स्थिति में डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस अगर लगातार बना रहता है तो हृदय रोगियों की मौत के मामले 2.6 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। मानव शरीर का सामान्य तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस से 37.2 डिग्री के बीच होता है, लेकिन जब बाहरी तापमान इससे ज्यादा होता है तो स्वास्थ्य पर संकट पैदा होने लगता है।
















































































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