सावन का महीना होता है बेहद खास, जाने भगवान शिव की अनोखी महिमा।
सावन के महीने को बेहद खास माना जाता है। इस माह में भगवान शिव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि भोलेनाथ को ये महीना बहुत प्रिय है। इस माह में जो भी भक्त उनकी पूरी श्रद्धा और भक्ति से पूजा अर्चना करता है, महादेव उसकी कामना को जरूर पूरा करते हैं। सावन के महीने का महत्व हिंदू धर्म में बहुत विशेष माना जाता है। यह महीना हिंदू पंचांग के आठवें मास को संकेत करता है और ग्रीष्म ऋतु के अंत में आता है। इसके दौरान कई धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव और अनुष्ठान होते हैं, जो भगवान शिव और माता पार्वती के समर्पित होते हैं।
2024 में सावन कब से शुरू है?
इस साल का सावन पावन महीना 22 जुलाई 2024 से हो रहा है। पूरे एक माह तक भक्तगण शिव भक्ति में लीन रहेंगे। भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी विशेष कृपा पाने के लिए सावन का महीना अति उत्तम माना जाता है। पहला सावन सोमवार का व्रत 22 जुलाई को ही रखा जाएगा। बता दें कि इस साल सावन में पांच सोमवार पड़ेंगे। बता दें कि सावन का महीना 19 अगस्त को खत्म होगा, इसी दिन आखिरी सावन सोमवार का व्रत रखा जाएगा।
सावन सोमवार का महत्व
सावन सोमवार का विशेष महत्व बताया गया है। सोमवार का व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। साथ ही और शिव-गौरी जैसा दांपत्य जीवन का सुख मिलता है। वहीं सावन में भगवान शिव और मां गौरी की आराधना करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। इस महीने में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान और महोत्सव होते हैं, जो भगवान शिव और पार्वती के समर्पित होते हैं।
* शिवरात्रि: सावन में शिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है, जब भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और पूजन करते हैं। यह पर्व भगवान शिव की प्रसन्नता प्राप्त करने का अवसर होता है।
* कावड़ी यात्रा: सावन के महीने में कावड़ी यात्रा का आयोजन होता है, जब भक्तगण गंगा जल लेकर शिव मंदिरों में यात्रा करते हैं।
* भगवान शिव की पूजा: सावन के दौरान भगवान शिव की पूजा, अर्चना और व्रत बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
* व्रत और उपवास: इस महीने में लोग शिव पार्वती का व्रत रखते हैं और उपवास करते हैं, जिसका महत्व धार्मिक और सामाजिक दोनों होता है।
















































































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