आखिर 1 जुलाई को ही क्यों माने जाता है 'डॉक्टर्स डे, जाने क्या है वजह?
स्वस्थ जीवन हर किसी की प्रियोरिटी लिस्ट में टॉप पर होता है। कहा भी गया है कि, 'सेहत सबसे बड़ी पूंजी' है। हेल्दी व्यक्ति ही लाइफ को सही तरह से एन्जॉय कर सकता है और इसमें डॉक्टर्स का रोल बहुत अहम होता है। वैसे तो दुनियाभर के अलग- अलग देशों में डॉक्टर्स डे को अलग-अलग दिन मनाया जाता है, लेकिन भारत में इस दिन को 1 जुलाई को सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत एक महान डॉक्टर की याद में हुई थी। क्योंकि 1 जुलाई 1882 में इंडिया के फेमस फिजीशियन डॉ. बिधान चंद्र राय का जन्म हुआ था और उनका निधन भी 1 जुलाई को ही साल 1962 में हुआ था। चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देने के मकसद से 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाने की शुरुआत की गई थी। हर साल डॉक्टर्स डे को किसी न किसी थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। साल 2024 में नेशनल डॉक्टर्स डे की थीम है- “Healing Hands, Caring Hearts
डॉक्टर्स डे मनाने का उद्देश्य लोगो के उनके कार्यों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। जो अपने सुख-दुख को त्याग कर मरीजों के लिए जीते हैं। समाज को रोगमुक्त रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, तो उनके इस योगदान को सेलिब्रेट करना है इस दिन को मनाने का मकसद। कोविड संक्रमण के दौरान डॉक्टर्स ही थे, जो बिना अपनी जान की परवाह किए घंटे लगातार ड्यूटी कर रहे थे। कई डॉक्टर्स ने अपनी जान भी गंवा दी। इन डॉक्टर्स के बलिदान को भी आज के दिन याद किया जाता है।
















































































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