आखिर क्यों बढ़ रहा बारिशो में कंजक्टिवाइटिस का खतरा, कैसे करे अपना बचाव ?
मानसून जब भी आते है उसके साथ बारिश भी आती है। मानसून के आ जाने से जहाँ सुहावना मौसम आता है उसके साथ- साथ अपने साथ कई सारी बीमारिया भी लेकर आता है। बारिशो के दिनों में कंजक्टिवाइटिस,फंगल, वायरल, बैक्टीरियल इंफेक्शन और एलर्जी परेशानी बढ़ा देते हैं। ऐसे में आंखों में रेडनेस, ड्राईनेस, खुजली और दर्द झेलना पड़ता है। जिससे कई बार सिरदर्द-माइग्रेन भी ट्रिगर होता है। इसलिए ऐसे मौसम में अपनी सेहत का बड़ा ख्याल रखना पढ़ता है। ऐसे में सबसे ज़्यदा अपनी आँखों का ख्याल रखना बेहद जरुरी होता है। क्योकि हमारे मॉडर्न लाइफस्टाइल में में तमाम ऐसी चीज़ें है जो आंखों की दुश्मन है। जैसे काम और पढ़ाई के लिए लंबे वक्त तक ऑनलाइन रहना, रेडिएशन और पॉल्यूशन। ग्लूकोमा-कैटरेक्ट और मायोपिया को भी नजर अंदाज़ नहीं किया जा सकता है। इन बीमारियों के बढ़ते मामले बड़ों के साथ-साथ बच्चों की भी आंखों पर मोटा चश्मा चढ़ा रहे हैं। ऐसे में योग का सहारा लेकर आंखों की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
कंजक्टिवाइटिस क्या है ?
कंजक्टिवाइटिस एक आंतरीक्षिका का संक्रमण होता है, जिसमें आंतरीक्षिका का सूजन और लालिमा होती है। आंतरीक्षिका को रक्तसंचारित किसी वायरस या बैक्टीरिया से होता है। इसके कारण आंतरीक्षिका का सूजन, लालिमा, आंसूओं का निकलना, खुजली और आंतरीक्षिका का सफेद रंग हो जाना होता है।
कंजक्टिवाइटिस से बचाव के लिए इन सुझावों का करे पालन,
1.. हाथों को साफ रखें: समय-समय पर हाथों को साबुन और पानी से धोएं, विशेषतः खाने से पहले और बाद में और जब भी आप बाहर से लौटते हैं।
2 .. स्वच्छता का ध्यान रखें: अपने चेहरे, आंतरीक्षिका को हल्के गुनगुने पानी और साबुन से धोएं।
3 .. संपर्क लेंसेस की साफ सफाई: यदि आप लेंसेस प्रयोग करते हैं, तो उन्हें नियमित रूप से साफ करें और साफ पानी में डालकर भीगोने से पहले हाथ धोएं।
4 .. वायरस और बैक्टीरिया से बचें: जब भी संभव हो, अपने आंतरीक्षिका को हाथों या अन्य संकरणों से बचाएं।
5 .. स्वास्थ्य संरक्षण: स्वास्थ्य का ध्यान रखें, खासकर सामाजिक संपर्क में रहने वाले समय में।
















































































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