शराब बेचकर दिल्ली को किया बर्बाद, अब चाहते हैं, जेल से छुटकारा! याचिका पर याचिका
मनीष सिसोदिया दिल्ली शराब घोटाले मामले के अंतर्गत जेल में पिछले कई महीनो से बंद हैं। लगातार वह अपील करते हैं और कोर्ट उसको रद्द कर देता है। एक बार फिर मनीष सिसोदिया ने अपनी अपील को सुनवाई में बदलने के लिए, उस पर पुनः विचार करने के लिए कोर्ट में अपील लगाई है। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर उन्होंने यह याचिका कोर्ट में दायर की है।
सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को उन्हें शराब नीति मामले में जमानत देने से मना कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि, जांच एजेंसी 338 करोड़ रुपये का लेनदेन साबित कर पाई है, जिस वजह से उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि, अगर निचली अदालत में 6 महीने में मुकदमा खत्म नहीं होता तो, मनीष सिसोदिया जमानत के लिए दोबारा आवेदन दे सकते हैं। वहीँ हाल ही में दिल्ली के आबकारी नीति मामले में सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट से भी राहत नहीं मिली।
कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत को 11 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया था। अदालत ने कहा था कि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कई दस्तावेज दाखिल करना बाकी है। इससे पहले 17 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा था कि, अगर दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी में बदलाव के लिए कथित तौर पर दी गई रिश्वत, अपराध का हिस्सा नहीं है, तो सिसोदिया के खिलाफ मनी-लॉन्ड्रिंग का केस साबित करना मुश्किल होगा। मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को कथित घोटाले में उनकी भूमिका के लिए, CBI ने गिरफ्तार किया था और तब से वह हिरासत में हैं। उन्होंने 28 फरवरी को दिल्ली कैबिनेट से भी इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मार्च में ईडी ने तिहाड़ जेल में पूछताछ की, जिसके बाद CBI की FIR से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया था।















































































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