डोडा आतंकी हमला: चार जवानों की शहादत, सुरंगों से घुसपैठ की कोशिश और नई सुरक्षा रणनीति पर विवाद।
कुछ महीनों से एक के बाद एक आतंकी हमलों ने जम्मू-कश्मीर को दहला कर रख दिया है। सोमवार की रात भी राज्य के डोडा जिले में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन करते हुए भारतीय सेना के 4 जवान शहीद हो गए हैं। इस घटना से आपको चौंकने वाली खबर मिली है। अब तक आतंकियों के हमलों के मामले ज्यादातर जम्मू-कश्मीर की सीमा से जुड़े होते थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। इस पूरे मामले के बारे में अधिक जानकारी के लिए हम आगे बढ़ेंगे। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक आर आर स्वैन ने बताया है कि आतंकी पंजाब की सीमा से राज्य में प्रवेश कर रहे हैं। इस मुद्दे पर अंतरराज्यीय सुरक्षा बैठक में नये तरीकों पर चर्चा की गई है। स्वैन ने कहा कि पंजाब की सीमा के माध्यम से राज्य में घुसपैठ के प्रयास किए जा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के पुलिस के डीजीपी स्वैन ने बताया कि आतंकवादियों द्वारा सुरंगों के जरिए घुसपैठ करने और इसके सामने आने के लिए उपायों पर चर्चा हुई है। एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बैठक कठुआ में आयोजित की गई थी, जिसमें हाल ही में हुई आतंकी हमले में शहीद हुए सेना के 5 जवानों की याद में बहस हुई। इस बैठक में बीएसएफ के सीनियर अधिकारी और पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के साथ गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए एक अधिकारी सहित चार सैनिकों ने मंगलवार तड़के दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ तब हुई जब राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह के जवानों ने सोमवार देर शाम डोडा शहर से लगभग 55 किलोमीटर दूर देसा वन क्षेत्र में धारी गोटे उरारबागी में एक संयुक्त घेरा और तलाशी अभियान शुरू किया।















































































Leave Your Message