कांवड़ यात्रा और सावन के महीने में भोलेनाथ की भक्ति, क्यों लगाते है बोल बम का नारा?
इस साल कांवड़ यात्रा 22 जुलाई 2024 से शुरू होगी। श्रावण के पूरे महीने कांवड़िए महादेव को प्रसन्न करने के लिए मीलों पैदल चलकर यात्रा करते हैं और कांवड़ में गंगा नदी से जल भरकर लाते हैं और सावन शिवरात्रि पर उस जल से अभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा में बोल बम-बम भोले का नारा चारों और गूंजता है। मान्यता है कि बोल बम नारा लगाने से यात्रा कष्टमय नहीं होती। भोलेनाथ कांवड़ियों की यात्रा मंगलमय करते हैं। बोल बम में बम शब्द ब्रह्मा, विष्णु, महेश एवं ओमकार का प्रतीक माना गया है। बोलबम सिद्ध मंत्र है। इसे बोलने से श्रद्धालु के शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है, जो भक्तों को शक्ति प्रदान करता है। कहते हैं कि जब हनुमान जी को शक्ति की आवश्यकता होती थी तो वो राम नाम का जाप करते थे उसी तरह कांवड़िए थका हुआ महसूस करते हैं या फिर दूसरे कांवड़ियों में जोश भरना होता है तो वह बोल बम का जयकारा लगाते हैं। 2 अगस्त 2024 को सावन शिवरात्रि है इस दिन कांवड़िए कांवड़ में जो जल भरकर लाते हैं उसके जलाभिषेक करते हैं। कावड़ लेन के लिए लोग बहुत दूर - दूर से आते है और हरिद्वार शिव के धाम पहुंचकर अपनी कावड़ को सजाते है फर वही से ही पैदल यात्रा क्र अपने घर की और वापसी करते है। इस साल सावन 19 अगस्त 2024 तक रहेगा। ऐसे में इस बार 5 सावन सोमवार आएंगे। सावन सोमवार, सावन प्रदोष व्रत, सावन शिवरात्रि पर महादेव को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र अर्पित करें, जलाभिषेक करें। इस दिन की पूजा और जल अभिषेक का बहुत की बड़ा महत्व होता है। कहते है इस दिन शिवलिंग का जल अभिषेक करने से पाप कष्ट दूर होते है और साथ ही मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
















































































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