कामिका एकादशी के दिन भूलकर भी न करे यह गलतिया, नहीं तो तुलसी माता हो जाएगी नाराज़।
सावन माह की पहली एकादशी आज है। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इसके साथ ही इसको पवित्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवन विष्णु की पूजा करी जाती है। मान्यताओं के अनूसार इस दिन पूजा विधि विधान से पूजा करने से मनवांछित फाल की प्राप्ति होती है पर याद रहे एकादशी का सनातन धर्म में बहुत बड़ा महत्व है। हमे इस दिन कोई भी भूल से गलती नहीं करनी चाहिए और हमे पूर्ण रूप से इसका पालन करना चाहिए। से में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सावन माह की पहली एकादशी के दिन आपको तुलसी से जुड़ी किन गलतियों को करने से बचना चाहिए। सनातनी धर्म की मान्यताओं के अनुसार तुलसी का पौधा भगवन विष्णु को बेहद पसंद है। है, तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी का वास भी माना जाता है। इसलिए विष्णु भगवान को समर्पित एकादशी तिथि के दिन आपको तुलसी से जुड़े कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए। इन नियमों के बारे में नीचे बताया गया है।
1 . कामिका एकादशी के दिन हमे गलती से भी तुलसी जी के पौधे को जाल नहीं चढ़ाना चाहिए क्योकि ऐसा माना जाता है की इस दिन तुलसी जी भगवान विष्णु के लिए निमित्त निर्जला व्रत रखती हैं। ऐसे में तुलसी के पौधे में अगर आप जल डालते हैं तो माता लक्ष्मी आपसे नाराज हो सकती हैं।
2 . कामिका एकादशी के दिन हमे गलती से भी तुलसी का पौधा नहीं काटना चाहिए क्युकी इअसा करने से तुलसी माता आपसे नराज़ हो सकती है। साथ ही भगवान विष्णु भी हमसे रूठ सकते है।
3 . एकादशी तिथि के दिन आपको गलती से भी तुलसी से बनी माला धारण नहीं करनी चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जाएं आपको घेर सकती हैं।
4 . कामिका एकादशी के दिन तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए व्रत रखती है इसलिए इस दिन हमे तुलसी जी को नहीं छूना चाहिए।
5 . महिलाओं को इस दिन बाल बांधकर ही तुलसी की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही एकादशी तिथि के दिन गलती से भी तुलसी के पौधे के आसपास गंदगी न रखें।
















































































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