सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को जल अभिषेक कराने वह पूजा का शुभ मुहर्त।
सावन माह का पवित्र और पावन महीना चल रहा है। इसके साथ ही आज मनाई जा रही है 2 अगस्त को सावन के महीने की महाशिवरात्रि। इसके साथ ही हम आपको बताना चाहेंगे की यह दिन शिव जी के जल अभिषेक के लिए सबसे ज़्यदा शुभ माना गया है। वैसे तो सावन का पूरा महीना ही भगवान शिव जी को पसंद है लेकिन सावन मास में आने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है, इसे सावन शिवरात्रि या श्रावण शिवरात्रि कहते हैं। ऐसा कहा गया है की अगर हम आज के दिन हम शिवलिंग पर गंगा जल से अभिषेक कराते है तो यह बेहद शुभ माना गया है। सावन शिवरात्रि पर आज पूजा-पाठ, व्रत और अभिषेक से जहां शिव भक्तों पर भोलेनाथ की कृपा बरसेगी। साथ ही ऐसा माना गया है की इस दिन भगवान शंकर जी से सच्चे मन से जो भी माँगा जाता है वह ज़रूर पूरा होता है।
सावन शिवरात्रि 2024 तिथि- 2 अगस्त का शुभ मुहर्त,
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 07:11 पीएम से 09:49 पीएम।
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:49 पीएम से 12:27 एएम।
सावन की शिवरात्रि के दिन पूजा विधि
* सुबह जल्दी उठें और शिव मंदिर में जाकर या घर पर स्नान करें। इस दिन नीलगिरी (नैमिषारण्य) या गंगाजल से स्नान करना विशेष माना जाता है।
* शिवलिंग पर जलाभिषेक करें: सबसे पहले शिवलिंग पर पानी और दूध से स्नान कराएं।
* शिवलिंग को श्रृंगार करें: चंदन और पुष्प अर्पित करें।
* रात्री पूजन: शिवजी की आरती करें और धूप व दीपक लगाएं।
* मंत्र जाप: "ॐ नमः शिवाय" का जप करें।
* व्रत कथा: सावन शिवरात्रि की कथा सुनें या पढ़ें।
















































































Leave Your Message