आम लोगो के लिए आई अच्छी खबर, दालों की कीमतों में आई गिरावट।
मंहगाई का असर जब दिखाई पढ़ता है जब अचानक से खाने- पीने की चीज़ो के दाम बढ़ने लगते है। तब आम लोगो को पता चल पाता है की मंहगाई बढ़ रही है। जिससे आम जनता को आर्थिक तंगी का सामना करना पढ़ता है। लेकिन अबकी बार आम लोगों के लिए एक अच्छी खबर आई है। करीब साल भर परेशान करने के बाद दाल की कीमतों में अब नरमी आने लगी है। आने वाले महीनों में भाव और कम होने की उम्मीद है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक महीने से देश की विभिन्न मंडियों में दाल की कीमतों में नरमी आ रही है। चना, तुअर यानी अरहर और उड़द जैसी दालों के भाव नरम पड़ रहे हैं। यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत की बात है, क्योंकि दालों की कीमतें साल भर से ज्यादा समय से तेज चल रही थीं। जनवरी में दालों की खुदरा महंगाई दर 19.54 फीसदी पर थी, जो जून में कम होकर 16.07 फीसदी पर आ गई है।
उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अरहर दाल की खुदरा कीमतें शनिवार को 160 रुपये प्रति किलो तक कम हो गईं, जो एक महीने पहले की तुलना में 5.8 फीसदी की कमी है। मसूर दाल की कीमतें भी 10 फीसदी घटकर 90 रुपये प्रति किलो हो गई हैं। इसके अलावा, प्रमुख मंडियों में चना, अरहर और उड़द दाल की कीमतें पिछले एक महीने में 4 फीसदी तक कम हुई हैं। दालों की कीमतों में नरमी का मुख्य कारण सरकारी प्रयासों से आयात में लाई गई तेजी है। दूसरी ओर बेहतर बारिश से दलहन की बुआई बढ़ रही है। 2 अगस्त तक 11.06 मिलियन हेक्टेयर में दालों की बुआई हो गई, जो साल भर पहले की तुलना में लगभग 11 फीसदी ज्यादा है। सरकार ने दालों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अरहर, उड़द और मसूर दाल पर ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट को 31 मार्च 2025 तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके चलते दालों का आयात बढ़ रहा है। पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 4.73 मिलियन टन दालों का आयात किया था, जो वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 90 फीसदी ज्यादा है।
















































































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