आज है नागपंचमी जाने इसके 'शुभ मुहूर्त' और 'पूजन विधि' की पूर्ण जानकारी।
नागपंचमी एक हिंदू त्योहार है जो हर साल भाद्रपद महीने की पंचमी तिथि को मनाया जाता है, जो आमतौर पर अगस्त या सितंबर में आता है। इस दिन लोग खास पूजा और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। घरों को सुंदरता से सजाया जाता है और विशेष भोजन तैयार किया जाता है। लोग इस दिन व्रत रखते हैं और धार्मिक रिवाजों का पालन करते हैं। नागपंचमी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और परिवार की एकता का प्रतीक है। इस दिन विशेष पूजा के साथ-साथ लोगों को एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशी मनाने का मौका मिलता है। इस साल यह 09 अगस्त यानी आज मनाया जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि अनुसार पूजा-पाठ करने से सुरक्षा और समृद्धि की प्राप्ति होती है। स दिन नागदेवता की पूजा की जाती है और भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है। इस नागदेवत को दूध और लावा चढ़ाकर उनकी पूजा की जाती है।
नागपंचमी के शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त पूरे दिन रहेगा। आप 9 अगस्त को किसी भी समय पूजा कर सकते हैं। हालांकि विशेष पूजा के लिए 9 अगस्त दोपहर 12:13 मिनट से 1 बजे तक का समय शुभ रहेगा। इस दिन प्रदोष काल में नाग देवता की पूजा शुभ मानी जाती है। 9 अगस्त को प्रदोष काल में शाम 6:33 मिनट से लेकर 8:20 मिनट तक आप नाग देवता की पूजा कर सकते हैं।
नागपंचमी के दिन पूजन विधि
नागपंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर घर की साफ सफाई करें और फिर स्नान करके साफ- सुथरे वस्त्र धारण करें. इसके बाद घर के दरवाजे पर या पूजास्थल पर गेरू, गाय के गोबर या मिट्टी से नाग के चित्र बनाएं और व्रत का संकल्प लें. अब नाग देवता का स्मरण करें और उन प्रतीकात्मक नागों के चित्र के सामने धूप और दीपक जलाएं। इसके बाद बनाए गए नाग देवता के चित्र को जल, फूल और चंदन का अर्घ्य दें. इसके बाद कुमकुम, अबीर, गुलाल, चंदन, फूल, बिल्वपत्र, हल्दी, मेंहदी आदि चढ़ाएं। अब मिठाई, पंचामृत, पंचमेवा, फल आदि का भोग लगाएं और मंत्रों का जाप करें। पूजा का समापन आरती से करें। पूजा पाठ के दौरान हुई किसी भी गलती के लिए नाग देवता का स्मरण करके उनसे क्षमा मांग लें।
















































































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