एनडीए में चिराग की बात बिगड़ी, अब आमने-सामने हुए एनडीए और चिराग।
चिराग कुमार पासवान एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा लोक जनशक्ति पार्टी के राजनेता हैं । वे भारत के बिहार राज्य के हाजीपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद और मोदी सरकार मैं कैबिनेट मंत्री हैं। खबर कुछ ऐसी है की चिराग पासवान ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का विरोध किया, जिसमें राज्यों को 15 प्रतिशत कोटे के एक हिस्से के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग में क्रीमी लेयर बनाए जाने की अनुमति दी गई है। चिराग पासवान पहले ही कोर्ट के इस फैसले पर अपनी असहमति जताते हुए कहा था कि उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। कोर्ट के इस फैसले का दूरगामी राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है। चिराग जल्द ही इस पर चर्चा के लिए अनुसूचित जाति के सांसदों की एक औपचारिक बैठक बुला सकते हैं। अब देखना दिलचस्स्प होगा कि विविध प्रकार के दलों में अनुसूचित जाति के सांसदों की प्रतिक्रिया क्या होती है। मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ खुलकर सामने आ गई हैं। दूसरी तरफ एनडीए के सहयोगी दलों में से एक हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने फैसले की सराहना करते हुए कहा कि मांझी समुदाय को आरक्षण से मिलने वाले लाभों में 'बहुत कम प्रतिनिधित्व' मिला है। क्योंकि नौकरियों और शिक्षा स्थानों में ज्यादातर पदों पर संपन्न अनुसूचित जाति के समुदाय का कब्जा है। क्रीमी लेयर और सब-कोटा को लेकर हमने कैबिनेट में रहते हुए भी इन मुद्दों पर चर्चा की है। 76 छिहत्तर साल बाद भी समाज में कुछ लोग हाशिए पर हैं। उनके लिए प्रावधान होना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि इसमें पुनर्विचार नहीं समीक्षा होनी चाहिए। हालाकि चिराग पासवान द्वारा की गयी सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ प्रतिक्रिया पर बीजेपी नेताओं ने चुप्पी साध रखी है।















































































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