कजरी तीज 2024: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और त्योहार का महत्व।
कजरी तीज एक प्रमुख त्योहार है जो हर साल सावन महीने की तीसरी तिथि को मनाया जाता है। यह विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है, जहां महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस दिन महिलाएं पारंपरिक वस्त्र पहनती हैं, मेहंदी लगाती हैं, और कजरी गाने गाती हैं। त्योहार की विशेषता इसमें सामूहिक पूजा और भजन कीर्तन भी शामिल हैं। कजरी तीज का पर्व रक्षाबंधन के तीन दिन बाद मनाया जाता है। वहीं, कजरी तीज कृष्ण जन्माष्टमी के पांच दिन पहले आती है। आइए, जानते हैं कजरी तीज का महत्व और इस साल कजरी तीज पूजन का शुभ मुहूर्त।
क्या है शुभ मुहूर्त,
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 21 अगस्त को शाम 5.15 से शुरू होगी और ये अगले दिन दोपहर 1:46 बजे तक रहेगी। इसलिए उदया तिथि के अनुसार ये व्रत 22 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5:50 से सुबह 7:30 के बीच रहेगा।
मुख्य महत्व,
1 .. भक्ति और श्रद्धा: कजरी तीज भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का दिन होता है, जो भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है।
2 .. सामाजिक एकता: इस दिन महिलाएं एकत्रित होकर पूजा करती हैं, पारंपरिक गाने गाती हैं, और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेती हैं, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है।
3 .. परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर: कजरी तीज के दौरान किए जाने वाले पारंपरिक रिवाज और गाने सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का माध्यम हैं।
4 .. धार्मिक मान्यता: यह त्योहार धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समर्पण और कर्तव्य पालन की भावना को मजबूत करता है। इस प्रकार, कजरी तीज भारतीय समाज में धार्मिक, सांस्कृतिक, और सामाजिक महत्वपूर्णता रखता है।
















































































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