नवरात्र में जौ बोने का महत्व, रंगों के अनुसार संकेत।
शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने का विधान है। इस दौरान मां भगवती की पूजा के साथ कलश की स्थापना भी की जाती है। कलश के चारों ओर जौ बोने की परंपरा है, जिसे कई जगहों पर ज्वार भी कहते हैं। जौ बोने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसका विशेष महत्व है। जौ बोने की परंपरा नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसके रंगों से हमें भविष्य के संकेत मिलते हैं। इसलिए, इस परंपरा को निभाना और जौ की सही देखभाल करना महत्वपूर्ण है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जौ क्यों बोए जाते हैं और इनके रंगों के अनुसार क्या संकेत मिलते हैं?
जौ बोने का महत्व
1. शुभ संकेत:
- जौ बोना मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का एक तरीका है।
2. रंग और संकेत:
- हरा जौ : यदि जौ हरा और ताजा उगता है, तो यह अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि का संकेत है।
- पीला जौ : पीला जौ अशुभ संकेत देता है, जो चिंता का कारण बन सकता है।
- सूखा जौ : अगर जौ सूखा है, तो यह आने वाले समय में कठिनाई का संकेत हो सकता है।
















































































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