ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स, भारत की मेडल संभावनाओं पर पड़ सकता है बड़ा असर जाने कैसे ?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेजबानी स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर को मिली है, जो 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित होंगे। यह शहर 12 साल बाद फिर से इन खेलों का आयोजन करेगा। इस बार के कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ी 10 अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेंगे, और ये सभी खेल ग्लासगो के चार स्थलों पर होंगे। हालांकि, इस बार कई ऐसे खेलों को शामिल नहीं किया गया है, जिनमें भारत के मेडल जीतने की अच्छी संभावनाएं थीं। इनमें क्रिकेट, बैडमिंटन, हॉकी, स्क्वाश, टेबल टेनिस और रेसलिंग जैसे खेल शामिल हैं। इन खेलों के हटने से भारत की मेडल संख्या पर असर पड़ सकता है। 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 22 मेडल जीते थे। कॉमनवेल्थ गेम्स के मुख्य कार्यकारी जॉन डोइग ओबीई ने कहा कि "ग्लासगो को 2026 राष्ट्रमंडल खेलों का मेजबान बनाकर हम बहुत खुश हैं। जब हमने एक साल से भी पहले इस विचार को शुरू किया, तो हमारा ध्यान ऐसे खेलों पर था जो खास हों। हम चाहते थे कि ये खेल वित्तीय रूप से टिकाऊ हों और कम समय में उच्च गुणवत्ता के साथ आयोजित किए जाएं।
जॉन डोइग ने ग्लासगो की मेजबानी के अनुभव और शानदार सुविधाओं पर भरोसा जताया, यह कहते हुए कि इससे सफल आयोजन की उम्मीद है। उन्होंने स्थानीय समुदाय और खेल प्रेमियों के सहयोग से एक यादगार कार्यक्रम का लक्ष्य रखा, जिससे एथलीटों को प्रोत्साहन मिले और ग्लासगो तथा स्कॉटलैंड की खेल संस्कृति को बढ़ावा मिले। उन्होंने ग्लासगो 2026 में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान सारा ड्रामा, जुनून और खुशी की उम्मीद जताई, भले ही यह पिछले आयोजनों की तुलना में हल्का हो। डोइग ने यह भी कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों का दुनिया भर के एथलीटों के दिल में विशेष स्थान है, और वे स्कॉटिश आतिथ्य का अनुभव करने के लिए उत्सुक हैं। यह आयोजन शहर और देश के लिए एक रोमांचक क्षण होगा।
















































































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