हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह, प्रदूषण में वॉक का सही समय। 

दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुड़गांव में प्रदूषण ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। हवा में मौजूद जहरीले कण फेफड़ों को नुकसान पहुँचा रहे हैं, जिससे सांस लेना भी कठिन हो रहा है। इस प्रदूषण के कारण कई बीमारियाँ भी बढ़ने लगी हैं। ऐसे में रोजाना कुछ देर व्यायाम, जैसे वॉक या योग, करना बेहद जरूरी है। लेकिन प्रदूषण के कारण यह समझना मुश्किल हो जाता है कि वॉक के लिए सही समय क्या है। क्या सुबह टहलना बेहतर है या शाम को? आइए जानते हैं प्रदूषण के बीच वॉक करने का सही समय क्या है। जो लोग फिटनेस के लिए वॉक का सहारा लेते हैं उनके लिए बढ़ते प्रदूषण ने मुश्किलें पैदा कर दी हैं। लोगों के मन में सवाल आने लगता है कि वॉक करने का सही समय क्या है? सुबह या शाम किस वक्त टहलने जाना चाहिए, ताकि प्रदूषण का असर कम से कम हो।

सर्दियों में, विशेष रूप से प्रदूषण के दौरान, दिल्ली एनसीआर में एयर क्वालिटी बहुत खराब होती है। नवंबर और दिसंबर में सुबह हवा की गुणवत्ता गिर जाती है, जिससे धुंध और स्मॉग का प्रभाव बढ़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुबह वॉक करना सुरक्षित नहीं है क्योंकि जहरीली हवाएं फेफड़ों के लिए हानिकारक होती हैं।हालांकि, शाम को वॉक करने का विकल्प है, लेकिन इस समय भी ट्रैफिक के कारण प्रदूषण बढ़ जाता है। इसलिए, सूर्यास्त से पहले वॉक करना बेहतर है। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सुबह और शाम दोनों समय में वॉक से बचना चाहिए। यदि बाहर जाने की आवश्यकता हो, तो एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) चेक करें; यदि AQI 200 से ऊपर है, तो वॉक न करें। यदि वॉक करना जरूरी है, तो फेस मास्क पहनें। बेहतर यही है कि घर पर स्ट्रेचिंग, योग या एरोबिक्स जैसी एक्सरसाइज करें ताकि आप स्वस्थ रह सकें।

 

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