भाई दूज है भाई बहन का पवित्र त्यौहार, जाने इसके शुभ मुहर्त और पूजा विधि।
भाई दूज का त्यौहार भाई बहन के एक पवित्र रिश्ते का त्यौहार है। यह कार्तिक मास की के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। भारत में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को मनाने के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। भाई दूज का त्योहार दीवाली के दूसरे दिन, कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है। भाई-बहन का प्यार इस दिन बहनें अपने भाइयों के लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। और इस दिन भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनके साथ समय बिताते हैं, यह भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत बनाता है। भाई दूज सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के बीच के प्यार और समर्थन का प्रतीक है। यह रिश्ते की गर्माहट को दर्शाता है और समाज में स्नेह और एकता को बढ़ावा देता है।
भाई दूज की तिथि और शुभ मुहर्त,
इसकी शुरुआत 2 नवंबर, 2024 को रात 8 बजकर 21 मिनट पर होगी और अगले दिन 3 नवंबर को इसका समापन हो जाएगा। उदया तिथि के अनुसार ये पर्व 3 नवंबर को मनाया जाएगा।भाई दूज के लिए तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त- 1:16 पी.एम से 3:27 पी.एम तक का है।
भाई दूज पूजा विधि,
भाई दूज के दिन बहनें प्रातः जल्दी उठकर स्नान करती हैं। स्नान के बाद, स्वच्छ वस्त्र पहनना चाहिए और एक पवित्र स्थान पर पूजा की तैयारी करनी चाहिए।इसके बाद अपने भाई का तिलक करें और उसकी आरती उतारें। इस समय प्रेम और भक्ति से मन में प्रार्थना करें। भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों को स्वादिष्ट भोजन और मिठाई खिलाती हैं। भाई भी अपनी बहन को प्यार भरे शब्दों के साथ भोजन कराते हैं। पूजा के अंत में बहनें अपने भाइयों के लिए लंबी उम्र और समृद्धि की कामना करती हैं। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण होता है, जिसमें भाई-बहन के बीच की भावनाएँ और गहरी होती हैं।
















































































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