छठ पूजा के पहले दिन शारदा सिन्हा का निधन, संगीत जगत में शोक की लहर।
उत्तर प्रदेश और बिहार में आज छठ पूजा की शुरुआत हुई, जो हर साल शारदा सिन्हा के भजनों की मधुर ध्वनि से गूंज उठती थी। लेकिन इस बार छठ पूजा के पहले ही दिन, शारदा सिन्हा के निधन की खबर ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया। शारदा सिन्हा ने मंगलवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में आखिरी सांस ली। यह एक विचित्र संयोग था कि जिस छठ पूजा ने शारदा सिन्हा को गायकी की दुनिया में एक बड़ा सितारा बनाया, उसी दिन, इस त्योहार के पहले ही दिन, उन्होंने इस दुनिया को अलविदा ली। शारदा सिन्हा पिछले एक महीने से बीमार थीं और एम्स अस्पताल में भर्ती थीं। मंगलवार की रात उनकी तबीयत बिगड़ी और उनका निधन हो गया। शारदा सिन्हा के निधन ने छठ पूजा की खुशी को गहरे दुख में बदल दिया। उनके फैन्स के बीच एक उदासी छा गई, क्योंकि छठ पूजा के समय उनके भजन हर घर में गूंजते थे।
पद्मभूषण से नवाजा गया था
शारदा सिन्हा को भोजपुरी संगीत की दुनिया में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था। वे भोजपुरी और हिंदी सिनेमा में सैकड़ों गाने गा चुकी थीं, लेकिन छठ पूजा के गीतों के लिए उन्हें विशेष पहचान मिली। उनके द्वारा गाए गए छठ के भजन आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश में। शारदा सिन्हा की गायकी का खास योगदान छठ पूजा के गीतों में था। कुछ दिन पहले ही उन्होंने इस साल के छठ के लिए नया गाना भी जारी किया था। उनका गायन ही था जिसने उन्हें संगीत की दुनिया में पहचान दिलाई और स्टार बना दिया। छठ पूजा के दिन उनके गाने आमतौर पर हर जगह गूंजते थे। आज छठ पूजा के पहले दिन, छठ मैया की गोद में शारदा सिन्हा ने अपनी अंतिम सांस ली, और उनके गीतों की महक अब भी हर दिल में जीवित रहेगी।
















































































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