कीर्ति आजाद को हराकर रोहन जेटली बने डीडीसीए अध्यक्ष, तीसरी बार मिली बड़ी सफलता।
रोहन जेटली की अध्यक्षता में दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (DDCA) का नेतृत्व जारी रहेगा, और उनकी जीत को उनके समर्थकों द्वारा एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण पल है, क्योंकि उनका परिवार लंबे समय से दिल्ली क्रिकेट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखा रहा है। रोहन के पिता अरुण जेटली ने 14 साल तक डीडीसीए के अध्यक्ष के रूप में सेवा की थी और दिल्ली क्रिकेट के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे। कीर्ति आजाद, जो खुद क्रिकेट की दुनिया में एक प्रतिष्ठित नाम हैं और भारत की 1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे थे, ने डीडीसीए पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि फ्लड लाइट लगाने पर डीडीसीए ने 17.5 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कि अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इसी काम के लिए खर्च किए गए सात करोड़ रुपये से कहीं अधिक था। आजाद ने यह भी आरोप लगाया कि डीडीसीए प्रशासन ने बीसीसीआई से प्राप्त 140 करोड़ रुपये का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया।
चुनाव के परिणामों के बाद, डीडीसीए के नए पदाधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे संघ की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और क्रिकेट के विकास के लिए नई दिशा तय करने के लिए काम करें। इस चुनाव में शिखा को उपाध्यक्ष चुने जाने से यह भी स्पष्ट हो गया कि दिल्ली क्रिकेट में सीके खन्ना का प्रभाव और उनकी परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। अब रोहन जेटली और उनकी टीम को अपने नए कार्यकाल में डीडीसीए के प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और क्रिकेट के प्रति जनता की उम्मीदों को पूरा करने की चुनौती मिलेगी।
















































































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