खरमास के दौरान क्या वर्जित है? जानें इस समय किए जाने वाले उपाय और बचने वाली बातें।
15 दिसंबर से खरमास (मलमास) शुरू हो चुका है, जो ज्योतिष शास्त्र में शुभ नहीं माना जाता। यह तब शुरू होता है जब सूर्य देव का गोचर बृहस्पति की राशि धनु और मीन में होता है। इस बार सूर्य 15 दिसंबर 2024 की रात 9 बजकर 56 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास शुरू होगा। खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस दौरान कुछ विशेष काम करने की सलाह दी जाती है, जैसे भगवान सूर्य देव की पूजा करना, तांबे के लोटे से जल अर्पित करना, और जल में कुमकुम, गुलहड़ का फूल या रोली डालकर पूजा करना। इसके अतिरिक्त, तुलसी माता को जल अर्पित करना, घर के मंदिर में दीया जलाना, व्रत, भजन-कीर्तन करना और गरीबों को अन्न, धन और वस्त्र का दान करना पुण्यकारी फल देता है। सूर्य देव के साथ भगवान विष्णु की पूजा भी करनी चाहिए।
खरमास 2024 कब खत्म होगा
15 दिसंबर को रात 10 बजकर 19 मिनट पर सूर्य धनु राशि में गोचर करेंगे, जिसे धनु संक्रांति कहा जाता है। सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास शुरू हो जाएगा। खरमास का समापन 14 जनवरी 2025 को होगा। इसके बाद ही शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्य फिर से प्रारंभ होंगे।
खरमास के दौरान क्या न करें?
1 खरमास के दौरान विवाह और अन्य शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
2 खरमास में नए व्यवसाय या नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
3 खरमास के दौरान घर का निर्माण भी नहीं किया जाता है।
4 खरमास के दौरान गृह प्रवेश का आयोजन नहीं करना चाहिए।
5 खरमास के दौरान यात्रा भी नहीं करनी चाहिए जब तक कि यह ज्यादा आवश्यक न हो।
6 खरमास के दौरान नई खरीदारी करने की भी मनाही होती है।
















































































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