बांग्लादेश में ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद राजनीतिक हलचल, शेख हसीना की वापसी और मोहम्मद यूनुस की सरकार पर उठे सवाल।
अमेरिका में बाइडेन प्रशासन की विदाई के बाद, ट्रंप के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश में अचानक कुछ राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना की वापसी और मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की स्थिरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बांग्लादेश को दी जाने वाली समस्त सहायताओं पर रोक लगा दी। इसके बाद बांग्लादेश में अस्थिरता की आशंका को लेकर शेख हसीना की पार्टी ने मोहम्मद यूनुस के खिलाफ कई मुद्दों पर घेराबंदी शुरू कर दी। इस घटनाक्रम ने बांग्लादेश में आगामी राजनीतिक घटनाओं और शेख हसीना की सत्ता में वापसी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बांग्लादेश में हाल ही में बाइडेन प्रशासन की विदाई और ट्रंप के सत्ता में आने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। अमेरिका द्वारा बांग्लादेश को दी जाने वाली सहायता पर रोक लगाने के बाद, शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग ने मोहम्मद यूनुस के इस्तीफे की मांग की और देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर अत्याचार हो रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला एक फरवरी से शुरू होगा और यह 18 फरवरी तक जारी रहेगा, जिसमें हड़ताल, नाकेबंदी और रैलियां शामिल हैं। इससे बांग्लादेश में अस्थिरता की स्थिति बन गई है और यूनुस की अंतरिम सरकार के खिलाफ विरोध बढ़ने लगा है।
















































































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