दिल्ली चुनाव 2025: शुरुआती रुझानों में बीजेपी की बढ़त, मुख्यमंत्री पद के लिए तीन नेताओं के नाम आए सामने।
दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हो गई है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, हालांकि यह अभी प्रारंभिक रुझान हैं। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, रुझानों में बदलाव आ सकते हैं। ताजा रुझानों के अनुसार, दिल्ली में आम आदमी पार्टी को जोरदार झटका लगता हुआ दिखाई दे रहा है। बीजेपी ने कई प्रमुख सीटों पर बढ़त बना ली है, जो इस पार्टी के लिए एक मजबूत संकेत है। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी की स्थिति थोड़ी कमजोर नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस भी चुनावी मैदान में अपनी स्थिति को मजबूत करने में कामयाब नहीं हो पाई है। अब तक की मतगणना के अनुसार, बीजेपी का प्रदर्शन पिछले चुनावों से बेहतर दिखाई दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषक यह मान रहे हैं कि दिल्ली के चुनावी परिणाम इस बात का संकेत दे सकते हैं कि राज्य में आगामी लोकसभा चुनावों में क्या ट्रेंड बन सकता है। मतगणना के परिणाम सामने आने के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है, और अब सभी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं कि आखिरी परिणाम क्या होगा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में अगर बीजेपी जीतती है, तो मुख्यमंत्री बनने की रेस में तीन प्रमुख नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।
1.. पहला नाम प्रवेश वर्मा का है, जो नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं और लगातार आगे चल रहे हैं। अगर वे जीतते हैं, तो बीजेपी उनके नाम पर विचार कर सकती है। प्रवेश वर्मा के पिता साहिब सिंह वर्मा भी दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके थे, और प्रवेश खुद दिल्ली से सांसद भी रह चुके हैं।
2.. दूसरा नाम दुष्यंत कुमार गौतम का है, जो सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। दुष्यंत गौतम दलित समाज से आते हैं और बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता हैं। वह पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी भी हैं, और उनका शांत स्वभाव पार्टी के लिए लाभकारी हो सकता है। वह करोल बाग से चुनाव लड़ रहे हैं और अगर उन्हें सीएम बनाया जाता है, तो बीजेपी दलित समाज को बड़ा संदेश दे सकती है।
3.. तीसरा नाम विजेंदर गुप्ता का है, जो सीनियर बीजेपी नेता हैं और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला है। विजेंदर गुप्ता रोहिणी से चुनाव लड़ रहे हैं और अभी भी आगे चल रहे हैं। 2020 में बीजेपी को केवल 8 सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों के साथ सरकार बनाई थी। लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लग रहा है, और बीजेपी के लिए एक संभावित जीत की स्थिति बनती दिख रही है।















































































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