विजया एकादशी की पूजा से मिलती है विजय और समृद्धि: जानें शुभ मुहूर्त और कथा।
आज विजया एकादशी मनाई जा रही है, जो हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। इस दिन व्रत करने और भगवान नारायण की पूजा करने से जातक के कष्ट दूर होते हैं और विजय, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। एकादशी तिथि 23 फरवरी की दोपहर 01:55 बजे से आरंभ हो चुकी है और 24 फरवरी को दोपहर 01:44 तक रहेगी। पद्म पुराण के अनुसार, इस दिन व्रत करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। ग्रंथों में यह भी उल्लेख है कि भगवान राम ने लंका पर चढ़ाई से पहले यह व्रत किया था, जिससे उन्हें विजय मिली थी।
इस दिन शुभ मुहूर्त प्रातः 05:11 से 06:01 बजे तक रहेगा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 से 12:57 बजे तक होगा, विजय मुहूर्त 02:29 से 03:15 बजे तक रहेगा, गोधूलि मुहूर्त 06:15 से 07:40 बजे तक होगा और अमृतकाल 02:07 से 03:45 बजे तक रहेगा। पारण 25 फरवरी को सुबह 06:50 से 09:08 बजे तक होगा।
क्या है कथा?
इस दिन पौराणिक कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। कहा जाता है कि त्रेता युग में जब भगवान श्रीराम जब लंका पर चढ़ाई करने के लिए समुद्र पार करने का उपाय ढूंढ रहे थे, इसी दौरान महर्षि वशिष्ठ के कहने पर उन्होंने विजया एकादशी का व्रत किया। इससे भगवान खुश हुए और फलस्वरूप लंका पर विजय प्राप्त हुई और फिर वे अयोध्या वापस लौटे। बात उस वक्त की है, जब त्रेता युग में भगवान राम अपनी सेना के साथ मां सीता जो बचाने के लिए लंका पर चढ़ाई करने जा रह थे, उनके सामने समुद्र लांघने और रावण को हराने जैसा कठिन लक्ष्य था। इस लिए भगवान राम ने वकदाल्भ्य ऋषि को अपने मन की बात बताई और इसका हल पूछा। इस पर वकदाल्भ्य ने श्रीराम को सेना सहित फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर व्रत रखने की सलाह दी भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान जी से साथ पूरी वानर सेना ने ऋषि के कहे मुताबिक व्रत किया और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस पर उन्हें एकादशी का पुण्यफल प्राप्त हुआ और युद्ध में विजय मिली। इसे करने से जीवन में हर काम में सफलता और विजय की प्राप्ति हुई। विष्णु भगवान की कृपा से मन, वचन और कर्म से शुद्धि प्राप्त होती है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा से जातक के सभी कष्ट दूर होते हैं। कहा जाता है कि श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को भी यही व्रत करने की सलाह दी थी।
















































































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