2025 में होलिका दहन के शुभ मुहूर्त में इन चीजों को डालकर पाएं सुख-समृद्धि, जानें क्या करना है और क्या नहीं।
इस साल होलिका दहन 13 मार्च को मनाया जाएगा, जो फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर होता है। इस दिन भद्राकाल भी रहेगा, और होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रात 11:26 बजे से शुरू होकर मध्यरात्रि 12:48 बजे समाप्त होगा। होलिका दहन को छोटी होली भी कहा जाता है, और इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं। होलिका दहन से पहले पूजा की जाती है और फिर अग्नि प्रज्वलित की जाती है, जिसके बाद परिक्रमा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका की आग में सभी कष्ट और परेशानियों का नाश होता है। इस पवित्र अग्नि में कुछ भी न डालने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
होलिका की अग्नि में भूलकर भी न डालें ये चीजें
1 होलिका की अग्नि पवित्र होती है तो उसमें गंदे कपड़े, टायर आदि जैसी चीजें नहीं डालनी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से मंगल ग्रह का दुष्प्रभाव आपके जीवन पर पड़ सकता है।
2 होलिका की आग में पानी वाला नारियल नहीं डाला जाता है। होलिका दहन में सूखा नारियल चढ़ाया जाता है। पानी वाला नारियल चढ़ाने से आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति खराब हो सकती है। चंद्रमा ठीक नहीं होने से व्यक्ति को अपने जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
3 होलिका दहन की आग में टूटे फूटे लकड़ी के सामान जैसे पलंग, सोफा, अलमारी का सामान नहीं डालना चाहिए। वरना आपके जीवन और घर-परिवार पर शनि, राहु और केतु का अशुभ प्रभाव पड़ सकता है।
4 होलिका की पूजा में लोग घर पर बनाए हुए पकवान भी अर्पित करते हैं। तो अगर आप गुजिया होलिका की आग में चढ़ा रहे हैं तो ध्यान रहें कि इसकी संख्या तीन न हो।
5 होलिका की अग्नि में सूखी हुई गेहूं की बालियां और सूखे फूल भी नहीं डालना चाहिए। वरना शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होती है।
होलिका की अग्नि में क्या डालना चाहिए?
* होलिका दहन की आग में सूखा नारियल डालना चाहिए।
* इसके अलावा अक्षत और ताजे फूल होलिका की अग्नि में चढ़ाएं।
* होलिका को साबुत मूंग की दाल, हल्दी के टुकड़े, और गाय के सूखे गोबर से बनी माला अर्पित करें।
* होलिका की अग्नि में चांदी या तांबे के कलश से जल और गुलाल भी जरूर चढ़ाएं।
















































































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