अमेरिका ने व्यापार संबंधों में संतुलन लाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने उठाया बड़ा कदम, 2 अप्रैल से टैरिफ पर जवाबी शुल्क लगाने की करी घोषणा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका प्रशासन अमेरिका में आयात पर टैरिफ दरों का निर्धारण करेगा, जो उन देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए शुल्क और अन्य व्यापारिक अवरोधों के आधार पर होगा। इसका मतलब यह है कि अमेरिका उन देशों पर टैरिफ लगाएगा जो अमेरिकी निर्यात के खिलाफ विभिन्न शुल्क और रुकावटें लगाते हैं। ट्रंप ने अपनी बयानबाजी में यह भी बताया कि उन्होंने ऑटो निर्माता कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से कहा है कि वे अपनी उत्पादन सुविधाओं को कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका में स्थानांतरित करें, ताकि अमेरिकी उद्योग को बढ़ावा मिले और व्यापार घाटा कम हो सके। उनका कहना है कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के व्यापार भागीदारों को यह समझना होगा कि अगर वे अपने बाजारों को अमेरिका के लिए बंद रखते हैं या गैर-मॉनिटरी (अन्य तरीके के) टैरिफ लगाते हैं, तो अमेरिका भी अपनी तरफ से यही कदम उठाएगा और जवाबी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे यह सब अमेरिका की अर्थव्यवस्था और रोजगार को मजबूत करने के लिए कर रहे हैं और "हमारा यह कदम व्यापार युद्ध नहीं है, बल्कि व्यापार में संतुलन लाने के लिए है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने दशकों से अन्य देशों द्वारा अनुचित टैरिफ के कारण बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान उठाया है, और अब वह इसे सुधारने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। ट्रंप का यह भी मानना है कि इससे अमेरिका के व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे और देश की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
















































































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