लीमा में पेरू सरकार का कड़ा कदम, 30 दिन के लिए आपातकाल किया घोषित। 

पेरू की राजधानी लीमा में हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं। हिंसा के कारण सार्वजनिक जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है, और नागरिकों में भय का माहौल बन गया है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रपति ने सैन्य बलों की तैनाती का आदेश दिया है। सरकार की ओर से यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और हिंसा में लिप्त लोगों को काबू किया जा सके। हिंसा की शुरुआत एक लोकप्रिय गायक की हत्या से हुई थी, जो देश भर में आक्रोश का कारण बना और फिर यह बर्बरता राजधानी तक फैल गई। राष्ट्रपति ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए, सरकार ने न्यायिक और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आपातकाल की घोषणा की है। यह हिंसा पेरू के सामाजिक और राजनीतिक ताने-बाने को प्रभावित कर रही है, और इसकी गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी नजर बनाए हुए है।

पेरू की राष्ट्रपति डीना बोलुआर्टे की सरकार ने देश में बढ़ती हिंसा को काबू में लाने के लिए आपातकाल की स्थिति 30 दिनों तक बढ़ा दी है। इस दौरान सभा करने, आंदोलन करने और अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस और सेना को न्यायिक आदेश के बिना लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार दिया गया है। पेरू में हत्याओं, जबरन वसूली और सार्वजनिक स्थानों पर हमलों के मामलों में हाल के महीनों में भारी वृद्धि हुई है। 2023 के पहले तीन महीनों में पुलिस ने 459 हत्याओं के मामले दर्ज किए, जबकि जनवरी में ही जबरन वसूली के 1,909 मामले दर्ज किए गए। यह हिंसा तब और बढ़ी जब प्रसिद्ध गायक पॉल फ्लोरेस की हत्या के बाद हिंसा की घटनाएं और अधिक बढ़ गईं। सरकार ने पहले भी सितंबर और दिसंबर में आपातकाल की घोषणा की थी, लेकिन स्थिति अब भी नियंत्रण से बाहर है।


 

Leave Your Message

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

ट्रेंडिंग

शॉर्ट्स

हमारा देश

गैलरी

विदेश

शॉर्ट्स

मनोरंजन से

गैलरी

खेल-कूद

शॉर्ट्स

ग्रह-नक्षत्र

जरा इधर भी

शॉर्ट्स

ब्रॉडकास्ट्स