पंजाब सरकार ने शंभू बॉर्डर कराया खाली, कहा- अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ रहा असर!
आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब के शंभू बॉर्डर को प्रदर्शनकारी किसानों से खाली कराए जाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पार्टी ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए शंभू बॉर्डर का खुलना जरूरी था, लेकिन पार्टी हमेशा किसानों की मांगों के साथ खड़ी रहेगी। पार्टी के सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि किसानों के संघर्ष में सबसे ज्यादा आम आदमी पार्टी ने उनका साथ दिया है। उन्होंने कहा, "किसानों के खिलाफ लाए गए तीन कृषि कानूनों का विरोध किया और तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्टेडियम को जेल बनने से बचाया। मुझे संसद से निलंबित किया गया, क्योंकि मैंने किसानों की आवाज उठाई थी।"
संजय सिंह ने केंद्र सरकार से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी देने की मांग की और कहा कि पंजाब में किसानों ने लंबे समय तक रास्ता रोक कर रखा था, जो उचित नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण स्थिति बिगड़ी है और अगर केंद्र चाहे तो एमएसपी गारंटी कानून पर एक घंटे के भीतर फैसला ले सकती है। संजय सिंह ने कहा, "केंद्र सरकार का यह दायित्व है कि वह किसानों की मांगों को स्वीकार करे, और पंजाब के लोगों का रास्ता बंद करना कतई उचित नहीं है।"
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्ष में पार्टी ने उनका समर्थन किया। आतिशी ने बताया कि पिछले एक साल से किसान शंभू बॉर्डर पर बैठे थे, और इसका प्रभाव पंजाब की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ा था। उन्होंने कहा, "पंजाब सरकार ने ड्रग्स और नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ा है, और इसे सफल बनाने के लिए पंजाब की अर्थव्यवस्था, व्यापार और रोजगार को बढ़ाना जरूरी है। हाईवे पंजाब की लाइफलाइन है, इसलिए इसे खोलना बहुत महत्वपूर्ण था। हम केंद्र सरकार से किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं।"
राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल केंद्र सरकार ही कर सकती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी मांगें केंद्र सरकार से करें। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और मुख्यमंत्री भगवंत मान हमेशा बातचीत के लिए तैयार हैं। डॉ. संदीप पाठक ने किसान नेताओं के हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर कहा कि पुलिस ने स्टैंडर्ड प्रक्रिया का पालन किया और धरनास्थल पर बैठे अधिकांश किसान खुद ही उठकर चले गए।
आम आदमी पार्टी ने इस दौरान केंद्र सरकार से किसानों की उचित मांगों को मानने की अपील की और कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत से ही संभव है।















































































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