शुभ फल पाने का दिन: जानें वरुथिनी एकादशी व्रत की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त। 

वरुथिनी एकादशी का व्रत वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को श्रद्धा और आस्था के साथ रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से भक्तों को पुण्य फल और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साल 2025 में वरुथिनी एकादशी 24 अप्रैल, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर पूजा-पाठ, मंत्र जाप, दान और ध्यान करना विशेष फलदायी माना जाता है। यदि आप इस दिन व्रत रख रहे हैं तो जानिए – शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा और पूजन की सही विधि क्या है, जिससे आपको पूर्ण फल की प्राप्ति हो सके।

पूजा के शुभ मुहूर्त 
- सुबह: 5:48 बजे से 7:26 बजे तक  
- फिर: 10:40 बजे से 12:20 बजे तक  
- शाम: 6:52 बजे से 8:14 बजे तक  
पारण का समय: 25 अप्रैल की सुबह।

पूजा विधि:  
इस दिन स्नान के बाद पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करें। उन्हें पीले फूल, चंदन, खीर, पंजीरी, तुलसी अर्पित करें और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। व्रत कथा पढ़ें, आरती करें और प्रसाद वितरित करें। इस दिन सोने से बचें और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करें। इससे ईश्वर की कृपा और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।


 

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