भारत के सख्त फैसलों से बौखलाया पाकिस्तान, दी युद्ध की धमकी।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष भारतीयों की जान जाने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 23 अप्रैल को हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में भारत ने पांच बड़े फैसले लिए, जिनमें सिंधु जल संधि को रोकना भी शामिल है। इसके जवाब में, पाकिस्तान सरकार ने 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) की आपात बैठक बुलाई, जिसमें सेना प्रमुखों सहित शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिए गए कड़े फैसलों के जवाब में पाकिस्तान ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) की बैठक के बाद पाकिस्तान ने कई जवाबी कदम उठाए:
- भारत द्वारा वाघा बॉर्डर बंद किए जाने के जवाब में पाकिस्तान ने भी वाघा बॉर्डर बंद कर दिया।
- भारतीयों को 30 अप्रैल तक पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया गया है।
- भारत द्वारा वीजा सेवाएं निलंबित करने पर पाकिस्तान ने SAARC वीजा योजना के तहत भारतीयों के वीजा रद्द कर दिए।
- भारत-पाक सभी द्विपक्षीय समझौते, including शिमला समझौता, तत्काल प्रभाव से रोक दिए गए हैं।
- पाकिस्तान ने भारत के लिए अपना एयरस्पेस भी बंद कर दिया है।
पाकिस्तान ने यह भी चेतावनी दी कि अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी रोका, तो इसे **युद्ध की कार्यवाही माना जाएगा**। इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि यह 240 मिलियन पाकिस्तानियों की जीवन रेखा है। पाकिस्तान ने पहलगाम हमले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और भारत पर क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। साथ ही, उसने भारत के साथ सभी तरह के व्यापार, यहां तक कि तीसरे देशों के माध्यम से होने वाले व्यापार पर भी रोक लगा दी है। पाकिस्तान ने आतंकवाद की निंदा करते हुए हर खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने की चेतावनी दी है।
















































































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