विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास – खत्म हुआ 14 साल का ऐतिहासिक सफर। 

विराट कोहली ने आखिरकार टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, जिससे भारतीय क्रिकेट के एक ऐतिहासिक युग का अंत हो गया। जून 2011 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले कोहली ने 14 सालों तक इस फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया और कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। उन्होंने बतौर कप्तान 68 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया का नेतृत्व किया और 20 शतक जड़े, जो एक भारतीय कप्तान के तौर पर सबसे अधिक हैं। इसके अलावा कोहली टेस्ट फॉर्मेट में 7 दोहरे शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज़ भी बने। उनका यह फैसला रोहित शर्मा के हालिया संन्यास के तुरंत बाद आया है, जिससे यह साफ हो गया है कि अब टेस्ट और टी20 दोनों फॉर्मेट में रोहित-विराट की जोड़ी दोबारा एक साथ मैदान पर नहीं दिखेगी। फैंस के लिए यह एक भावुक पल है, लेकिन कोहली का योगदान हमेशा भारतीय क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।

विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में न केवल शानदार बल्लेबाजी की, बल्कि बतौर कप्तान भी कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने सौरव गांगुली, एमएस धोनी और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे बड़े नामों को पछाड़ते हुए भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान का तमगा हासिल किया। कोहली की कप्तानी में भारत ने 68 में से 40 टेस्ट मैच जीते, और उनका जीत प्रतिशत 58.82 रहा – जो 10 से ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी करने वाले भारतीय कप्तानों में सबसे ज्यादा है। विराट कोहली ऐसे पहले भारतीय बल्लेबाज बने जिन्होंने किसी विदेशी टेस्ट दौरे पर चार शतक जड़े। उन्होंने 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और 2016-17 में इंग्लैंड के खिलाफ ये कारनामा किया। अपने करियर में उन्होंने कुल 123 टेस्ट मैच खेले और 9,230 रन बनाए, जो उन्हें टेस्ट इतिहास में भारत का चौथा सबसे बड़ा रन स्कोरर बनाता है। उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सुनील गावस्कर हैं।

 

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