पहला बड़ा मंगल 2025: जानें हनुमान जी की पूजा की सही विधि और महत्व।
13 मई को ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल है, जो इस महीने का विशेष दिन होता है। ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को "बड़ा मंगल" या "बुढ़वा मंगल" के नाम से जाना जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन भगवान हनुमान की आराधना से भक्तों को उनकी इच्छाओं की पूर्ति होती है। बड़ा मंगल के दिन केवल बजरंगबली की पूजा नहीं, बल्कि भगवान राम की भी उपासना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन हनुमान जी और श्रीराम की पहली मुलाकात हुई थी। तो आइए, जानते हैं कि इस पहले बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा कैसे विधिपूर्वक करनी चाहिए।
बड़ा मंगल पूजा विधि
1 बड़ा मंगल के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर साफ वस्त्र पहन लें।
2 इसके बाद मंदिर या पूजाघर को साफ-सुथरा कर गंगाजल छिड़क कर शुद्ध कर लें।
3 इसके बाद लकड़ी की एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछा दें।
4 चौकी पर हनुमान जी और भगवान राम की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
5 मूर्ति के सामने एक शुद्ध घी या तेल का दीया जलाएं।
6 फल, फूल- माला, सिंदूर, धूप, मिठाई आदि पूजा सामग्री अर्पित करें।
7 हनुमान जी को बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाएं। भोग में तुलसी जरूर रखें।
8 इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ और मंत्रों का जाप करें।
9 पूजा के आखिर में हनुमान जी की आरती जरूर करें।
बड़ा मंगल के दिन नियमों का करें पालन
1 बड़ा मंगल के दिन काले या सफेद रंग के कपड़े न पहनें।
2 बड़ा मंगल के दिन तामसिक चीजों (मांस-मदिरा, लहसुन-प्याज) से दूर रहें।
3 बड़ा मंगल के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
4 इस दिन किसी का भी अपमान न करें और न ही किसी के लिए कोई अपशब्द का प्रयोग करें।
















































































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