विदेशी छात्रों के लिए बदला अमेरिका का रुख: चीन के कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े छात्रों के वीज़ा रद्द करने की प्रक्रिया शुरू, वीज़ा इंटरव्यू भी स्थगित।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कुछ चीनी छात्रों के वीजा रद्द किए जाएंगे। इनमें वे छात्र शामिल हैं जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े हैं या ऐसे क्षेत्रों में पढ़ाई कर रहे हैं जो अमेरिका की सुरक्षा के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। रूबियो ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दी और कहा कि इस पर सख्ती से अमल किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। चीन, भारत के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है जहाँ से छात्र अमेरिका में पढ़ाई करने आते हैं। 2023-24 के शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में चीन के 2.7 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे थे, जो वहां के कुल विदेशी छात्रों का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। अब सरकार ने नए वीजा इंटरव्यू फिलहाल रोक दिए हैं ताकि छात्रों की सोशल मीडिया गतिविधियों की गहराई से जांच की जा सके। इससे न केवल चीनी बल्कि अन्य देशों के छात्रों के बीच भी असमंजस और चिंता बढ़ गई है। कई छात्रों को डर है कि इससे उनके भविष्य की पढ़ाई और करियर पर असर पड़ सकता है।
विस्कॉन्सिन-ओशकोश विश्वविद्यालय के छात्र व्लादिस्लाव प्लायाका पोलैंड जाकर अपनी मां से मिलने और वीजा नवीनीकरण की योजना बना रहे थे, लेकिन अमेरिका में वीजा सेवाएं निलंबित होने के कारण अब उन्हें नहीं पता कि यह कब संभव होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें अब सिस्टम पर पूरा भरोसा नहीं रहा। इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों की संख्या 15% तक सीमित करने की बात कही, जबकि फिलहाल यह संख्या एक चौथाई से भी अधिक है। हालांकि, अदालत ने इस फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है।
















































































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