1 जुलाई से लागू होगा फ्रांस का नया स्मोकिंग बैन कानून, सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन पर ₹13,000 जुर्माना।
फ्रांस सरकार द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर लगाया गया यह प्रतिबंध एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों और आम नागरिकों को तंबाकू के धुएं से बचाना है। मंत्री कैथरीन वौट्रिन ने स्पष्ट किया कि बच्चों की उपस्थिति वाले स्थानों पर धूम्रपान की अनुमति देना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा है और इसे पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए। सरकार की योजना के अनुसार, पार्कों, समुद्री तटों, स्कूलों के पास, सार्वजनिक परिवहन स्टॉप्स और खेल मैदानों पर अब स्मोकिंग नहीं की जा सकेगी। पुलिस को इन स्थानों पर नजर रखने और नियम तोड़ने वालों पर कड़ा जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है। इसके पीछे सरकार की यह सोच है कि यदि लोगों को दंड का भय हो, तो वे ऐसे स्वास्थ्यवर्धक नियमों का अधिक गंभीरता से पालन करेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि यह सिर्फ कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि जन-जागरूकता का प्रयास है ताकि लोग खुद से ही धूम्रपान जैसी आदतों को सार्वजनिक स्थानों पर नियंत्रित करें। हालांकि, इस बैन में बार और कैफे के बाहर के खुले हिस्सों को फिलहाल छूट दी गई है, जिससे निजी और व्यवसायिक स्वतंत्रता को भी ध्यान में रखा गया है। इस नए नियम से फ्रांस में धूम्रपान की दर को घटाने और अगली पीढ़ी को एक स्वस्थ वातावरण देने की उम्मीद की जा रही है।
फ्रांस में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान बैन के नए नियमों को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य मंत्री कैथरीन वौट्रिन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रतिबंध में इलेक्ट्रिक सिगरेट (e-cigarettes) शामिल नहीं हैं। धूम्रपान के खिलाफ काम करने वाली फ्रांस नेशनल कमिटी का कहना है कि देश में हर साल 75,000 से ज्यादा लोग तंबाकू जनित बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं, जो कुल मौतों का करीब 13% है। फ्रेंच मॉनिटरिंग सेंटर फॉर ड्रग्स एंड ड्रग एडिक्शन के अनुसार, फ्रांस की 23.1% आबादी रोजाना धूम्रपान करती है, जो स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए फ्रांस सरकार ने धूम्रपान पर सख्त नियंत्रण की दिशा में यह कदम उठाया है।
















































































Leave Your Message