10 महाविद्याएं जो बदल सकती हैं जीवन की दिशा, जानें गुप्त नवरात्रि में इनका महत्व।
26 जून से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। इस दिन सुबह 5:25 बजे से 6:58 बजे के बीच घटस्थापना की जाएगी। इस समय लोग मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए पूजा और अनुष्ठान करते हैं। गुप्त नवरात्रि भी शारदीय नवरात्रि की तरह ही मनाई जाती है, बस इसे थोड़े गुप्त तरीके से किया जाता है। साल में चार बार नवरात्रि आती है। इनमें से शारदीय और चैत्र नवरात्रि सबसे ज्यादा धूमधाम से मनाई जाती हैं। लेकिन बाकी दो नवरात्रियों में पूजा गुप्त रूप से की जाती है, इसलिए इन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इसमें तांत्रिक साधना और विशेष मंत्रों से मां दुर्गा की आराधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि के 9 दिन बहुत खास माने जाते हैं। इन दिनों में साधक व्रत रखते हैं और मां दुर्गा की पूजा करते हैं ताकि उन्हें आत्मिक शुद्धि और देवी की कृपा प्राप्त हो सके। इस समय खासतौर पर देवी के दस रहस्यमय और शक्तिशाली रूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें दस महाविद्याएं कहा जाता है।
तो आइए जानते हैं कि वे 10 महाविद्याएं कौन-कौन सी हैं:
1 काली – विनाश की शक्ति और बुराइयों का अंत करने वाली देवी।
2 तारा – संकट से बचाने वाली और ज्ञान देने वाली देवी।
3 त्रिपुरसुंदरी (श्री विद्या) – सौंदर्य, प्रेम और शक्ति की प्रतीक।
4 भुवनेश्वरी – सम्पूर्ण ब्रह्मांड की रचयिता और पालनकर्ता।
5 भैरवी – समय और मृत्यु की देवी, भय से मुक्त करने वाली।
6 छिन्नमस्ता – आत्मबलिदान और जागरूकता की देवी।
7 धूमावती – त्याग, अकेलेपन और ज्ञान की देवी।
8 बगला मुखी – शत्रुओं को रोकने वाली, वाणी और बुद्धि को नियंत्रित करने वाली देवी।
9 मातंगी – संगीत, कला और ज्ञान की देवी।
10 कमला – लक्ष्मी स्वरूप, धन, वैभव और सौभाग्य की देवी।
















































































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