यूरोप में इतिहास रचने वाली पहली भारतीय महिला गोलकीपर अदिति चौहान ने 17 साल बाद लिया संन्यास।
भारतीय महिला फुटबॉल टीम की गोलकीपर अदिति चौहान ने 17 साल लंबे करियर के बाद संन्यास लेने का ऐलान किया है। वह यूरोप में पेशेवर फुटबॉल खेलने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी थीं। अपने रिटायरमेंट की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दी और अब मैदान के बाहर काम करने की इच्छा जताई है।
अदिति चौहान ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “फुटबॉल का बहुत धन्यवाद, जिसने मुझे आकार दिया, मेरी परीक्षा ली और आगे बढ़ाया। 17 सालों का सफर कभी नहीं भूलूंगी। अब गर्व के साथ पेशेवर फुटबॉल से संन्यास ले रही हूं। इस खेल ने मुझे सिर्फ करियर नहीं दिया, बल्कि पहचान भी दी। दिल्ली से शुरू हुआ मेरा सपना, ब्रिटेन तक पहुंचा, जहां मैंने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में मास्टर्स की पढ़ाई की और वेस्ट हैम यूनाइटेड के लिए खेला। मेरा रास्ता आसान नहीं था, लेकिन मैंने कभी शिक्षा और जुनून में से किसी को नहीं छोड़ा और दोनों के लिए मेहनत की। अदिति ने भारत की तरफ से 57 मैच खेले और 2012, 2016, 2019 में सैफ महिला चैंपियनशिप जीती। इंग्लैंड की महिला सुपर लीग में वेस्ट हैम यूनाइटेड के साथ दो सीजन खेलने के बाद 2018 में भारत लौटीं। फिर 2019-20 में गोकुलम केरल एफसी से जुड़ीं और घरेलू इंडियन वुमेंस लीग में दो बार ट्रॉफी जीती। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया, जिन्होंने हमेशा उनका साथ दिया और प्रेरित किया। अब अदिति खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए काम करना चाहती हैं।
















































































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