14 सेकंड में क्रैश हुआ ऑस्ट्रेलियाई रॉकेट, कक्षा तक पहुंचने का सपना हुआ अधूरा। 

ऑस्ट्रेलिया की ज़मीन से कक्षा तक पहुँचने की कोशिश में पहला ऑस्ट्रेलियाई रॉकेट उड़ान भरने के सिर्फ 14 सेकंड बाद ही टूट गया। इस रॉकेट का नाम एरिस (Eris) था, जिसे गिल्मोर स्पेस टेक्नोलॉजीज़ ने बनाया था। यह रॉकेट छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए बनाया गया था। इसे ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य के बाउएन नामक छोटे शहर के पास एक स्पेसपोर्ट से टेस्ट उड़ान के लिए छोड़ा गया था। रॉकेट की यह पहली उड़ान थी और इसमें कई वैज्ञानिक और तकनीकी परीक्षण किए जाने थे। लेकिन जैसे ही रॉकेट ने उड़ान भरी, वह थोड़े ही समय में नियंत्रण खो बैठा और जमीन पर गिर गया। इस दुर्घटना से कंपनी के वैज्ञानिक थोड़े निराश जरूर हुए, लेकिन उन्होंने कहा कि यह असफलता भी सीखने का हिस्सा है। गिल्मोर स्पेस टेक्नोलॉजीज़ आगे भी काम जारी रखेगी और जल्द ही नए प्रयासों के साथ फिर से रॉकेट लॉन्च करेगी। उनका लक्ष्य है कि ऑस्ट्रेलिया में बने रॉकेट्स से छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा जाए और देश की स्पेस टेक्नोलॉजी को मजबूत बनाया जाए।

ऑस्ट्रेलिया की कंपनी गिल्मोर स्पेस टेक्नोलॉजीज़ ने अपने 23 मीटर लंबे रॉकेट ‘एरिस’ को क्वींसलैंड के बाउएन स्पेसपोर्ट से लॉन्च किया। रॉकेट ने लॉन्च टावर को पार किया और थोड़ी देर हवा में रहा, लेकिन 14 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया और धुएं के गुबार उठे। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पहले मई और जुलाई में तकनीकी समस्याओं और खराब मौसम के कारण लॉन्च स्थगित किया गया था। कंपनी के सीईओ एडम गिल्मोर ने कहा कि रॉकेट का लॉन्चपैड से उड़ान भरना भी एक बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि पहली कोशिश में कक्षा तक पहुंचना बहुत मुश्किल होता है और यदि रॉकेट जमीन से उठता है तो उसे सफलता माना जाएगा। स्थानीय मेयर राय कॉलिन्स ने भी इसे “एक बड़ी उपलब्धि” बताया। कंपनी अब आगे नए प्रयासों के लिए काम कर रही है ताकि भविष्य में सफलतापूर्वक रॉकेट कक्षा में पहुंच सके।

 

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