IQ, इम्यूनिटी और भविष्य... अब सब तय होगा जन्म से पहले! जानिए कैसे?
कभी बच्चे को ईश्वर का वरदान माना जाता था, लेकिन आज टेक्नोलॉजी ने बच्चों को भी एक तरह से ‘डिजाइनर प्रॉडक्ट’ बना दिया है। अब अमेरिका की सिलिकॉन वैली में ऐसा संभव हो गया है कि बच्चा दुनिया में आने से पहले ही उसका IQ, स्वास्थ्य और बीमारियों का रिस्क जांचा जा सकता है। वैज्ञानिक बेनम हाइम्स की रिसर्च के अनुसार, अब माता-पिता यह तय कर सकते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई में होशियार होगा, बीमारियों से दूर रहेगा और भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी चुनौती दे सकेगा। यही वजह है कि लोग इस तकनीक पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने को तैयार हैं।
हालांकि, सिर्फ टेक्नोलॉजी ही नहीं, भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति — योग और आयुर्वेद — भी बच्चों को जन्म से पहले और बाद में जीनियस बनाने की ताकत रखते हैं। योगगुरु स्वामी रामदेव के अनुसार, बच्चों की मेमोरी बढ़ाने के लिए रोजाना 5 बादाम और 5 अखरोट को भिगोकर पीस लें, उसमें ब्राह्मी, शंखपुष्पी और ज्योतिषमति मिलाकर पिलाएं। इससे बच्चों का दिमाग तेज होता है, याददाश्त बढ़ती है और कंसंट्रेशन बेहतर होता है। वहीं इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों को गिलोय-तुलसी का काढ़ा, हल्दी वाला दूध और खट्टे फल जैसे संतरा व आंवला देना चाहिए। साथ ही कुछ देर की धूप, योग और हरी सब्जियों से भरपूर डाइट उन्हें बीमारियों से दूर रखने में मदद करती है। इस तरह जहां एक ओर विज्ञान बच्चों के भविष्य को आकार देने में नई ऊंचाइयों तक पहुंच चुका है, वहीं योग और आयुर्वेद आज भी सरल, प्राकृतिक और प्रभावी विकल्प के रूप में मौजूद हैं। एक संतुलित जीवनशैली अपनाकर भी बच्चों को तेज दिमाग और मजबूत शरीर दिया जा सकता है।
















































































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