PM मोदी की कूटनीति पर भारी पड़ा ट्रंप का टैरिफ: बिना बोले ही भारत ने पलट दी वैश्विक रणनीति।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका द्वारा भारत पर 50% तक टैरिफ लगाए जाने के बाद चौंकाने वाला लेकिन रणनीतिक रूप से सटीक रुख अपनाया। उन्होंने न तो कोई सार्वजनिक बयान दिया और न ही अमेरिका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर विरोध जताया। इसके बजाय, उन्होंने रणनीतिक चुप्पी का सहारा लिया, जिससे उन्होंने यह संकेत दिया कि भारत अब भावनात्मक या दबाव में आकर प्रतिक्रिया देने वाला राष्ट्र नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान कई बार भारत को संपर्क करने की कोशिश की, यहां तक कि उन्होंने पीएम मोदी को चार बार फोन किया, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। यह व्यवहार एक संदेश था—भारत आत्मनिर्भर है और अपनी शर्तों पर ही संवाद करता है। इसी बीच मोदी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय रहे। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में चीन और रूस जैसे राष्ट्रों के साथ उनकी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत के पास बहुपक्षीय रणनीतिक विकल्प मौजूद हैं, और वह केवल पश्चिमी शक्तियों पर निर्भर नहीं है।
इस दबाव ने अमेरिका को अपने रुख पर पुनर्विचार करने पर मजबूर किया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर लिखा कि वह भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर आशावादी हैं। जवाब में मोदी ने बहुत ही संक्षिप्त लेकिन प्रभावी बयान दिया – “हम भी जल्द ही डील की उम्मीद करते हैं।” यह जवाब साधारण होते हुए भी शक्तिशाली संदेश देता है कि अब अमेरिका को पहल करनी होगी। सूत्रों की मानें तो ट्रंप फिर से पीएम मोदी से फोन पर बातचीत कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ, तो यह 17 जून के बाद दोनों के बीच पहली सीधी बातचीत होगी। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच लगभग 35 मिनट की चर्चा हुई थी। दिलचस्प यह है कि इस महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक अमेरिका में होने के बावजूद मोदी ने इसमें शामिल न होने का निर्णय लिया है, जो एक और कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। हालांकि अक्टूबर में मलेशिया में प्रस्तावित ASEAN बैठक के दौरान दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात पर नज़रें टिकी हैं। साथ ही, यह भी संभावना है कि भारत में प्रस्तावित क्वाड समिट या साउथ अफ्रीका में G-20 समिट में ट्रंप की उपस्थिति नहीं होगी, जिससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत अपनी कूटनीति किसी एक देश के इर्द-गिर्द केंद्रित नहीं करता।
















































































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