पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बड़ा झटका, मतदान से रोकने के लिए चुनाव आयोग ने किया एनआईडी लॉक।
बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बड़ा झटका देते हुए उनका राष्ट्रीय पहचान पत्र (एनआईडी) लॉक कर दिया है, जिससे वह अगले वर्ष फरवरी में होने वाले आम चुनाव में मतदान से वंचित हो गई हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, जिनका एनआईडी लॉक होता है, वे विदेश से मतदान नहीं कर सकते। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, शेख हसीना के अलावा उनकी छोटी बहन शेख रेहाना, बेटे सजीब वाजेद जॉय और बेटी साईमा वाजेद पुतुल के एनआईडी भी लॉक या ब्लॉक कर दिए गए हैं। इसके साथ ही हसीना के करीबी रिश्तेदारों और पूर्व सुरक्षा सलाहकारों को भी मतदान से रोका गया है। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक आंदोलन के बाद अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी, और शेख हसीना को भारत भागना पड़ा था। इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार बनाया गया और अवामी लीग की गतिविधियां निलंबित कर दी गईं।
वर्तमान में शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चल रहा है, जिसमें जुलाई 2024 के विद्रोह के दौरान कथित अत्याचारों के आरोप लगाए गए हैं और अभियोजकों ने उन्हें मृत्युदंड देने की मांग की है। शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद उनके समर्थक नेताओं या तो छिपे हुए हैं या निर्वासन में हैं। उनके कई नेताओं और परिवार की संपत्तियों को भी हिंसक भीड़ ने नुकसान पहुंचाया है, जिनमें देश के संस्थापक और हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का ढाका स्थित 32 धनमंडी निवास भी शामिल है। इस राजनीतिक संकट के बीच, बांग्लादेश में आगामी चुनाव को लेकर व्यापक असमंजस और तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे देश की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दल और राजनीतिक विश्लेषक इस स्थिति को देश के लोकतंत्र के लिए चुनौतीपूर्ण मान रहे हैं।
















































































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