तमिलनाडु सरकार ने की पुरस्कारों की घोषणा: साई पल्लवी-अनिरुद्ध रविचंदर को मिलेगा कलैमामणि अवॉर्ड।
तमिलनाडु सरकार ने कला और संस्कृति में उत्कृष्ट योगदान के लिए भरतियार, एमएस सुब्बुलक्ष्मी और कलैमामणि पुरस्कारों की घोषणा की है। ये पुरस्कार वर्ष 2021, 2022 और 2023 के लिए कलाकारों को दिए जाएंगे। प्रसिद्ध गायक केजे येसुदास को संगीत क्षेत्र में योगदान के लिए एमएस सुब्बुलक्ष्मी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कलैमामणि पुरस्कार पाने वालों में वर्ष 2021 के लिए अभिनेत्री साई पल्लवी, अभिनेता एसजे सूर्या, निर्देशक लिंगुसामी, सेट डिज़ाइनर एम. जयकुमार, स्टंट कोरियोग्राफर सुपर सुब्बारायण, और टीवी अभिनेता पीके कमलेश शामिल हैं।
तमिलनाडु सरकार ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के लिए वर्ष 2022 और 2023 के कलैमामणि पुरस्कारों की घोषणा की है। इन पुरस्कारों का आयोजन तमिलनाडु इयाल इसाई नाटक मंद्रम के अंतर्गत किया जाता है, जो राज्य सरकार के कला एवं संस्कृति निदेशालय की एक संस्था है। इस वर्ष पुरस्कार पाने वाले कलाकारों की सूची में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नाम शामिल हैं। वर्ष 2022 के लिए जिन कलाकारों को चुना गया है, उनमें अभिनेता विक्रम प्रभु, निर्देशक जया वीसी गुहानाथन, लोकप्रिय गीतकार विवेका, जनसंपर्क अधिकारी डायमंड बाबू, और स्टिल फोटोग्राफर लक्ष्मीकांतन का नाम शामिल है। साथ ही, टेलीविजन की दुनिया से अभिनेत्री मेट्टी ओली गायत्री को भी उनकी कलात्मक सेवाओं के लिए इस सम्मान से नवाजा जाएगा। वर्ष 2023 के लिए चुने गए प्रमुख कलाकारों में अभिनेता मणिकंदन, अभिनेता जॉर्ज मेरीन, मशहूर संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर, गायिका श्वेता मोहन, कोरियोग्राफर सैंडी उर्फ संतोषकुमार, और जनसंपर्क अधिकारी निक्किल मुरुकन के नाम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, टेलीविजन क्षेत्र से एनपी उमाशंकर बाबू और अजगन तमिजमनी को भी कलैमामणि पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन सभी विजेताओं को अक्टूबर में एक विशेष समारोह के दौरान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक कलाकार को पुरस्कार स्वरूप तीन स्वर्ण पदक और एक प्रमाण पत्र भेंट किया जाएगा। इन सम्मानों का उद्देश्य न केवल कलाकारों की प्रतिभा को सराहना देना है, बल्कि तमिलनाडु की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाना है।
















































































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