एशिया कप फाइनल के बाद पाकिस्तानी कप्तान ने भारत की स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों के लिए मैच फीस दान करने का किया ऐलान।
भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप के फाइनल मैच में भारत ने पाकिस्तानी टीम को निर्णायक और भारी जीत दी, जिससे पाकिस्तान में हार का गहरा असर देखने को मिला। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह क्रिकेट की संस्कृति और भावना को खत्म करके उपमहाद्वीप में शांति और द्विपक्षीय संबंधों के समाधान की संभावनाओं को ध्वस्त कर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तानी क्रिकेट कप्तान सलमान अली आग़ा ने भारतीय टीम पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने मैच के बाद हाथ मिलाने से इंकार करके न केवल पाकिस्तानी टीम बल्कि पूरे क्रिकेट के प्रति अपमान किया है। लेकिन इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान ने एक ऐसा बयान दिया जिसने पाकिस्तान की आतंकवाद से जुड़ी गहरी सच्चाइयों को उजागर किया। उन्होंने घोषणा की कि पूरी पाकिस्तानी टीम अपनी मैच फीस भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए नागरिकों के परिवारों को दान करेगी। हालांकि, यह "आम नागरिक" असल में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन के सदस्य और उनके परिवार के लोग थे, जिनमें आतंकी सरगना मसूद अजहर के करीबी रिश्तेदार भी शामिल थे। भारतीय सेना की इस स्ट्राइक में कई आतंकवादी कमांडर, जिनमें मसूद अजहर के दो बहनोई, जैश के कमांडर और लश्कर के हथियार प्रशिक्षक शामिल थे, मारे गए। इस पूरी घटना से साफ होता है कि पाकिस्तान की क्रिकेट टीम न केवल आतंकवाद के साथ नाता रखती है, बल्कि अपने खेल के जरिए भी इन आतंकवादी तत्वों का सम्मान करती है। यह स्थिति पाकिस्तान में आतंकवाद और खेल के बीच घनिष्ठ रिश्ते को दर्शाती है, जो लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। पूर्व पाकिस्तानी कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान का तालिबान समर्थक होना और हाल के उदाहरणों में क्रिकेटरों द्वारा आतंकवादियों के लिए समर्थन का इशारा करना इस संदर्भ को और गहरा करता है। इस पूरी घटनाक्रम में यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ अपने खेल में न केवल राजनीतिक और सैन्य तनाव का आइना है, बल्कि आतंकवाद के प्रति उनके समर्थन और सहमति का भी प्रतीक है।
















































































Leave Your Message